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यहां बेटियों के लिए अभिशाप था स्कूल में पढऩा, सालों बाद पुलिस ने की ये बड़ी पहल

इस गांव की बेटिया अब हाई-हायर सेकेण्डरी स्कूल के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त करने शहर आ सकेगें।

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CG news

कांकेर. ग्राम पंचायत मरर्दापोटी मुख्यालय से छह किलोमीटर का पथरीली पहाड़ी मार्ग आश्रित ग्राम मर्रापी के बेटियों के लिए अभिशाप बना हुआ था। गांव में कक्षा पांचवीं की शिक्षा पाने के बाद छात्राओं को मीडिल व हाई स्कूल की शिक्षा से वंचित होना पड़ता था। अब जिला पुलिस के पहल से इन उबड़-खाबड़ मार्ग में दोपहिया सहित चारपहिया चलने लगा है। इस गांव की बेटिया अब हाई-हायर सेकेण्डरी स्कूल के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त करने शहर आ सकेगें।

ग्राम प्रमुखों के मानें तो गांव में अब तक दर्जन से अधिक लड़कियों ने आगे की पढ़ाई नहीं की। जागरूक कुछ पालक तो अपने बच्चों को आगे की अध्ययन करवाने के लिए गांव के रिस्तेदारों के घर भेज कर पढ़ाई करवाते थे । विदित हो कि जिला मुख्यालय से १६ किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत मरार्दापोटी के आश्रिम गांव मर्रापी में एक प्राथमिक शाला है, यह पढ़ाई करने के बाद विद्यार्थियों को कक्षा छठवीं और आगे की पढ़ाई के लिए पंचायत मुख्यालय, हाई-हायर सेकेंडरी स्कूल के लिए दूसरे पंचायत पीढ़ापाल, ईरादाह या फिर शहर आना पड़ता है। गांव के लकड़े किसी तरह पहाड़ी मार्गो से होकर स्कूल आना-जाना करते है, वहीं छात्राओं को आने-जाने के लिए कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था।

ग्रामीण का कहना था कि पहाड़ी मार्ग व जंगल होने के कारण बच्चों के लिए हमेशा चिंता बनी रहती है। वन क्षेत्र होने के कारण हमेश भालू, लकड़बघ्घा, बंदर सहित अन्य वन्य प्राणी का आना जाना लगा रहता है। बच्चों के जिद करने पर उन्हें शहर के छात्रावास भर्ती कराकर या फिर रिश्तेदारों के घर भेज कर आगे की पढ़ाई करवाते है। गांव तक शासन ने सड़क बनाने का प्रस्ताव भी दिया था, काम प्रारंभ हुआ, लेकिन ठेकेदार ने कुछ ही दूर तक सड़क बनाकर काम छोड़कर चला गया, जिसका खामियाजा उन्हे व उनके बच्चों को भुगतना पड़ था। अब पुलिस विभाग ने गोद लेकर गांव तक वाहन चलने लायक सड़क बना दी है, लोगों को आवागमन करने में किसी प्रकार की परेशानी नही होगी।

छात्राओं ने कहा वे आगे पढऩा चाहती है
ग्राम के देवली नेताम ने कहा कि किसी तरह अपने बुआ के घर ग्राम उसेली में रहकर 11 तक पढ़ाई की है, इसी तरह सुमित्रा कवाची ने कहा कि गांव से बाहर जाकर ग्राम पीढ़ापाल में रहकर 12वी पास की। माधुरी मंडावी ने कहा कि गांव के स्कूल में पांचवी तक पढऩे के बाद उसे आगे पढऩे का मौका नही मिला। इसी तरह कुछ युवतियां भी है जो आगे पढ़ाई करने की इच्छा जाहिर की। सड़क बनने पर वे बहुत खुश है। उनका कहना था कि अब उनके गांव के अन्य लड़कियों को स्कूल आने-जाने पर परेशानी नही होगी।