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जोधपुर का दृश्य भी उतना ही विहंगम, जितना किला अंदर से मनोहारी

-विश्व पर्यटन दिवस पर मेहरानगढ़ की ख्याति में जुड़ा एक और अध्याय- उपराष्ट्रपति ने बांधें तारीफों के पुल

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जोधपुर का दृश्य भी उतना ही विहंगम, जितना किला अंदर से मनोहारी

जोधपुर का दृश्य भी उतना ही विहंगम, जितना किला अंदर से मनोहारी

जोधपुर। विश्व पर्यटन दिवस पर सोमवार को जोधपुर के ऐतिहासिक मेहरानगढ़ की ख्याति में एक और अध्याय जुड़ गया। उपराष्ट्रपति एम. वैंकेया नायडू मेहरानगढ़ के स्थापत्य और वैभव से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर शैक्षणिक संस्थानों से ऐसे ऐतिहासिक स्थलों की शैक्षणिक यात्राएं तक करने का सुझाव दे डाला।

नायडू ने सोमवार को मेहरानगढ़ के अवलोकन के दौरान रैम्पार्ट से शहर को निहारने के बाद कहा कि किले से देखने पर जोधपुर शहर का दृश्य भी उतना ही विहंगम है, जितना कि किला अंदर से मनोहारी है। उन्होंने लिखा कि ‘हमारे देश में स्थापत्य की ऐसी कितनी ही अद्भुत कृतियां हैं, जो हमें हमारे समृद्ध और जीवंत अतीत के बारे में बताती हैं।’ उन्होंने पर्यटकों और सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत में रुचि रखने वालों से आग्रह किया कि वे देश के ऐसे स्थानों को देखने अवश्य आएं। ये स्थल आपको हमेशा ही आश्चर्यचकित करेंगे। आपके अनुभव और समृद्ध करेंगे। उन्होंने शिक्षण संस्थानों से भी कहा कि इन ऐतिहासिक महत्व के स्थानों के लिए शैक्षणिक यात्राएं आयोजित करने से विद्यार्थी हमारे शानदार अतीत से परिचित हो सकेंगे।