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खतरनाक है मोबाइल से निकलने वाली ब्लू लाइट, बचने के लिए करें ये उपाय

बदलते समय में तकनीक के साथ इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की बढ़ी डिमांड ने लोगों को उम्र से पहले बूढ़ा बनाना शुरू कर दिया है। मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स आमजन के जीवन का जरूरी हिस्सा बन गए हैं।

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पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क/जोधपुर. बदलते समय में तकनीक के साथ इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की बढ़ी डिमांड ने लोगों को उम्र से पहले बूढ़ा बनाना शुरू कर दिया है। मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स आमजन के जीवन का जरूरी हिस्सा बन गए हैं। मोबाइल से एक ओर लोगों की जिंदगी आसान हुई है, वहीं दूसरी ओर इसका सेहत पर दुष्प्रभाव भी पड़ा है। ऐसे में मोबाइल से निकलने वाली ब्लू लाइट यानी नीली रोशनी (रेडिएशन) सेहत को नुकसान पहुंचा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार मोबाइल की ब्लू लाइट से आंखों, त्वचा सहित हेल्थ पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। ये रोशनी उम्र से पहले बुढ़ापा, घर में रहते हुए टैनिंग, डार्क स्पॉट, पिगमेंटेशन जैसी समस्याएं पैदा करती हैं।


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ब्लू लाइट से त्वचा को ये नुकसान
मोबाइल की ब्लू लाइट की किरणें स्किन टोन को प्रभावित करती हैं। इससे त्वचा पर खुजली, ड्राइनेस और टैनिंग की समस्या होने लगती है, वहीं स्किन को डल और डार्क भी करती है। मोबाइल रेडिएशन से चेहरे पर पिंपल्स ब्रेकआउट की समस्या भी देखने को मिल रही है। इसी तरह ब्लू लाइट के कारण चेहरे पर पिग्मेंटेशन की समस्या होती है, जिससे चेहरे पर काले और भूरे धब्बे नजर आने लगते है। ये ब्लू लाइट रेटिना को नुकसान पहुंचाती है। वहीं मोबाइल के ज्यादा इस्तेमाल करने से स्किन पर सेंसिटिविटी की समस्या रहने लगती है। ऐसे में मोबाइल से दूरी नहीं बनाने वाले लोगों को जिंदगी भर ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा ओर उम्र से पहले बूढ़ा दिखने को मजबूर होना पड़ेगा।

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बचाव के ये 10 उपाय
1. मोबाइल पर ब्लू लाइट फिल्टर लगाएं
2. मोबाइल का कम इस्तेमाल करें
3. मोबाइल का नजदीक से इस्तेमाल ना करें
4. सोते समय मोबाइल दूर रखें
5. नाइट मोड का इस्तेमाल करें
6. मोबाइल की ब्राइटनेस कम रखें
7. नेचुरल लाइट में मोबाइल देखें
8. अंधेरे में मोबाइल का इस्तेमाल करने से बचें
9 फिटनेस का ध्यान रखे
10. चेहरे की साफ-सफाई का ध्यान रखें

मोबाइल से निकलने वाली ब्लू लाइट एक प्रकार की विद्युत चेतना होती है जो स्क्रीन से निकलती है। यह तेजी से मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट और अन्य डिवाइसों से निकलती है। ब्लू लाइट दूरी से देखने पर श्वेत प्रकाश की होती है, लेकिन नजदीक से देखने पर नीली नजर आती है। ये आंखों के रेटिना पर काफी बुरा प्रभाव डाल सकती है, जो सफेद रेटिना (सीआरएच) संबंधी बीमारियों के लिए खतरनाक होता है।
- डॉ. अजीत जाखड़, वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक