
जिला प्रमुख ने बचा ली अपनी सियासी जमीन !
जोधपुर.
जिले की 21 पंचायत समितियों के प्रधान, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद के 37 सदस्यों के आरक्षण की लॉटरी के साथ ही गांवों की सरकार की सियासी तस्वीर शुक्रवार को साफ हो गई। सूचना केंद्र के मिनी ऑडिटोरियम में जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित की अध्यक्षता में सरकारी स्कूल के 10 बच्चों ने आरक्षण की लॉटरी निकाली। लॉटरी के बाद कई दावेदारें की उम्मीदें धरी रह गई। जिला परिषद सदस्यों की लॉटरी में जिला प्रमुख, उपजिला प्रमुख के वार्ड आरक्षण में चपेट में आने से बच गए।
महिलाएं होंगी दस पंस की प्रधान
जिले की 21 पंचायत समितियों में से 12 के प्रधान सामान्य, 4 के एसएसी, 4 ओबीसी व 1 एसटी का होगा। दस पंचायत समितियों की प्रधान महिलाएं होंगी।
शेरगढ़ : 15 वर्ष बाद होगा सामान्य वर्ग का प्रधान
शेरगढ़ पंचायत समिति में 15 वर्ष बाद प्रधान सामान्य वर्ग का होगा। हाल ही में हुए परिसीमन के बाद इस पंचायत समिति 17 वार्ड बचे हैं।
धवा : एसटी सीट आरक्षित होने से दिग्गजों की दावेदारी धराशायी हो गई। यह पंचायत समिति लूणी से अलग कर बनाई गई है।
कैरू: ओबीसी
मंडोर पंचायत समिति से अगल कर बनाई गई कैरू पंचायत समिति में प्रधान का पद ओबीसी के लिए आरक्षित हुआ है।
लूणी :दस वर्ष बाद सामान्य सीट
मंडोर
पंचायत समिति के प्रधान का पद इस बार भी सामान्य महिला के लिए आरक्षित हुआ है।
पीपाड़ सिटी: पंचायत समिति में प्रधान का पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है।
लोहावट: हर वर्ग की महिलाओं मौका, सामान्य महिला
बालेसर : 10 वर्ष बाद फिर सामान्य महिला
फलोदी:25 वर्ष में चौथी बार सामान्य
बिलाड़ा : इस बार भी सामान्य महिला
सेखाला: ओबीसी के लिए आरक्षित
तिंवरी: एससी महिला
चामू: पहली बार में एससी महिला
आऊ: सामान्य
घंटियाली:पहली बार में ओबीसी महिला
बाप : फिर सामान्य महिला
ओसियां: सामान्य ओसियां पंचायत समिति के प्रधान का पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है।
बावड़ी : सामान्य महिला
बापिणी: एससी
देचू : एससी
Published on:
21 Dec 2019 12:25 am
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