24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आईआईटी जोधपुर का कमाल, सांप के जहर से बनाई एंटीबायोटिक दवा, इन जटिल रोगों में होगी मददगार

IIT Jodhpur Amazing Research : आईआईटी जोधपुर ने कमाल किया। सांप के जहर से एंटीबायोटिक दवाई बनाई। इस दवा के सेवन से कई रोग छूमंतर हो जाएंगे।

2 min read
Google source verification
iit_jodhpur.jpg

IIT Jodhpur

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर ने दक्षिण अमरीका में बहुतायात में पाए जाने वाले कॉमन लैंचहैड सांप के जहर से एंटीबायोटिक व एंटीमाइक्रोबियल दवाई बनाई है। यह टीबी, निमोनिया, टाइफाइड जैसे कई रोगों में काम आएगी। शुरुआती तौर पर IIT ने डायबिटीज से ग्रसित चूहे के घाव पर इस एंटीबायोटिक का सफल परीक्षण किया है। शोध के पेटेंट के लिए आवेदन किया गया है। अब दूसरे चरण में एम्स जोधपुर में मरीजों के सैंपल पर इस दवाई का परीक्षण किया जाएगा। कॉमन लैंचहैड एक जहरीला सांप है। इसके जहर में 38 अमीनो एसिड (प्रोटीन की कार्यात्मक इकाई) की एक पेप्टाइड श्रंखला (प्रोटीन-प्रोटीन के मध्य बंध) होती है। आईआईटी जोधपुर ने इसमें 15 से 26 सीरिज यानी कुल 11 अमीनो एसिड की सीरिज को दवाई के लिए चुना। इससे जहर का जहरीला पार्ट पीछे टूट गया। चुनी गई पेप्टाइड सीरिज में जो जहरीलापन बचा था उसे फाइन टेनिन से दूर किया गया। इसमें मेंढक में पाई जाने वाली कुछ प्रोटीन श्रृंखला भी जोड़ी गई।



चूहों में डायबिटीज का घाव जल्दी ठीक

सांप के जहर से बनी इस दवाई का परीक्षण डायबिटीज से ग्रस्त चूहे पर किया गया। दवाई से चूहे का घाव तेजी से भर गया। सामान्यत: डायबिटिक रोगी में घाव मुश्किल से भरता है।

यह भी पढ़ें - आईआईटी जोधपुर ने बना डाली कमाल की कोड डिवाइस, इसका काम जानेंगे तो कहेंगे - वाह

हॉस्पिटल बोर्न बैक्टिरिया को भी मारेगा

बैक्टिरिया की कोशिका भित्ति काफी मोटी होती है। इसको काटने के लिए बेहतर रासायनिक यौगिक की जरुरत पड़ती है। वर्तमान में कई एंटीबायोटिक दवाइयाें के प्रति बैक्टिरिया में प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती जा रही है। इसको देखते हुए IIT का शोध मील का पत्थर साबित होगा। यह सामान्य बैक्टिरिया के अलावा हॉस्पिटल बोर्न बैक्टिरियां को भी मारने में सक्षम है।

इस टीम ने किया कमाल का काम

आईआईटी के बायोसाइंस व बायोइंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर डॉ. सुरजीत घोष के नेतृत्व में डॉ. साम्या सेन, रामकमल समत, डॉ. मौमिता जश, सत्यजीत घोष, राजशेखर रॉय, नबनिता मुखर्जी, सुरोजीत घोष और डॉ. जयिता सरकार ने शोध किया।

इनका कहना है...

आईआईटी जोधपुर बायोसाइंस विभाग डॉ. सुरजीत घोष ने कहा सांप के जहर से बना यह यौगिक प्रकृति में पाए जाने वाले कई हानिकारक बैक्टिरिया को मारने में सक्षम है। अगला प्रयोग एम्स जोधपुर के मरीजों के नमूनों पर किया जाएगा।

यह भी पढ़ें - Zero Shadow Day : अलर्ट, राजस्थान के इन जिलों में आज गायब हो जाएंगी लोगों की परछाइयां, मामला क्या है जानें