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पैर की नस से तार डालकर पेट की महाधमनी में किया स्टेंट प्रत्यारोपण

मथुरादास माथुर अस्पताल के उत्कर्ष कार्डियोथोरेसिक सेंटर में जटिल बीमारी एब्डोमिनल एओर्टिक एन्यूरिज्म का अत्याधुनिक तकनीक से मरीज को बेहोश किए बगैर ऑपरेशन किया गया।

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पैर की नस से तार डालकर पेट की महाधमनी में किया स्टेंट प्रत्यारोपण

पैर की नस से तार डालकर पेट की महाधमनी में किया स्टेंट प्रत्यारोपण

एमडीएम अस्पताल : पेट की महाधमनी में गंभीर एन्यूरिज्म का उपचार
जोधपुर. मथुरादास माथुर अस्पताल के उत्कर्ष कार्डियोथोरेसिक सेंटर में जटिल बीमारी एब्डोमिनल एओर्टिक एन्यूरिज्म का अत्याधुनिक तकनीक से मरीज को बेहोश किए बगैर ऑपरेशन किया गया। ईवीएआर तकनीक से पैर की नस से तार डालकर फूले हुए महाधमनी में स्टेंट का प्रत्यारोपण किया गया।

ऑपरेशन करने वाले कार्डियोवैस्कुलर सर्जन डॉ. सुभाष बलारा का दावा है कि पश्चिम राजस्थान का पहला सफल ऑपरेशन हुसा। उन्होंने बताया कि बाड़मेर निवासी एक वृद्ध को पिछले तीन साल से सांस फूलना, छाती में दर्द, जी घबराने, चलने में तकलीफ आदि परेशानी थी। सीटी एंजियोग्राफी से पता चला कि रोगी के पेट की महाधमनी में गंभीर एन्यूरिज्म है। इसमें महाधमनी गुब्बारे के आकार सी फूल जाती है। ऐसी स्थिति में कभी भी फट सकती है या जान जा सकती है।
ईवीएआर तकनीक
आमतौर पर महाधमनी 1.5-2.5 से.मी के आकार की होती है, लेकिन इसमें यह बढक़र सात सेंटीमीटर हो गई थी। ऐसे में तुरंत इलाज जरूरी था। ऐसे में मरीज के पैर की नस से तार डालकर पेट की महाधमनी में सफल स्टेंट प्रत्यारोपण किया गया। इस ऑपरेशन को मेडिकल साइंस में ईवीएआर तकनीक कहा जाता है
ऑपरेशन टीम
डॉ. रविन्द्र राव, डॉ. सुभाष बलासा, डॉ. अभिनव सिंह, डॉ. देवाराम, डॉ. रोहित माथुर, डॉ. पवन सारडा, डॉ. अनिल बारुपाल, डॉ. राकेश कर्नावट, डॉ. शिखा सोनी तथा डॉ. गायत्री। सहयोग- आसिफ इकबाल, मोनिका भाटी, माधोसिंह, धर्मेन्द्र मरेठा व जितेन्द्र पंवार।
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बेहतर सुविधाएं
मथुरादास माथुर अस्पताल में सुविधा और साधन बढ़े हैं। अब बड़े से बड़े ऑपरेशन भी यहां होने लगे हैं। अब ऑपरेशन के लिए किसी को बाहर की राह देखने की जरूरत नहीं है। इस मरीज का चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में जो नि:शुल्क ऑपरेशन किया गया, उसका बाहर 8 से 10 लाख रुपए तक खर्च आता है।
- डॉ. विकास राजपुरोहित, अधीक्षक, एमडीएम हॉस्पिटल
जटिल ऑपरेशन
यह ऑपरेशन अत्यंत जटिल था। करीब दस हजार में से किसी एक को यह बीमारी होती है। उक्त रक्तचाप और धूम्रपान कर रहे व्यक्ति में इनकी दर बढ़ जाती है। इससे जान जा सकती थी। मरीज को बेहोश किए बिना ईवीएआर तकनीक से पैर की नस से तार डालकर फूले हुए महाधमनी में स्टेंट का प्रत्यारोपण किया गया।
- डॉ. सुभाष बलारा, कार्डियोवैस्कुलर सर्जन