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ये हैं आंखों के टॉप के डॉक्टर, सिर्फ 1 रुपये में हो जाता है मोतियाबिंद का आपरेशन

इन चार चिकित्सकों को किया जाएगा सम्मानित

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top ten eye specialists of up

ये हैं आंखों के टॉप के डॉक्टर, सिर्फ 1 रुपये में हो जाता है मोतियाबिंद का आपरेशन

झांसी। राष्ट्रीय अंधता एवं दृष्टि क्षीणता नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिला स्तर पर आंखों के सर्वाधिक आपरेशन करने वाले डॉक्टर्स को लखनऊ में होने वाली समीक्षा बैठक में सम्मानित किया जाएगा। इसमें बुंदेलखण्ड के 4 चिकित्सकों को सम्मानित किया जाएगा। सम्मान पाने की श्रेणी में सर्वप्रथम जालौन के डा॰ आर पी सिंह हैं, जिन्होने प्रदेश में सबसे अधिक आंखों के ऑपरेशन करके पहला स्थान पाया है। वही, झांसी के क्रमशः डा॰ प्रभात चौरसिया, डा॰ डीके राय, व डा॰ लक्ष्मीप्रसाद राजपूत को सम्मानित किया जाएगा। इन्होंने यूपी के टॉप टेन डाक्टर्स में स्थान बनाया है। सरकारी अस्पतालों में आंख का आपरेशन कराने पर सिर्फ एक रुपये का पर्चा बनवाने का ही खर्च आता है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक द्वारा 2017-18 की एक जिला स्तरीय रैंकिंग सूची जारी की गई थी। इसमें मुख्य जिला चिकित्सालयों, अन्य जिला चिकित्सालियों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर जिन डॉक्टर ने मोतियाबिंद के ऑपरेशन में बेहतर कार्य किया हैं उन्हें एक से लेकर दस तक की रैंक दी गई हैं। इसमें जालौन के डा॰ आर पी सिंह ने 3824 ऑपरेशन करके पहला स्थान हासिल किया है। वहीं झांसी के प्रभात चौरसिया ने 2267 ऑपरेशन कर चौथा स्थान हासिल किया हैं। इनके साथ झांसी के ही डा॰ डी के राय ने 1603 ऑपरेशन कर आठवां स्थान व डा॰ लक्ष्मीप्रसाद राजपूत ने 1402 ऑपरेशन कर दसवां स्थान हासिल किया है। इस तरह बुंदेलखण्ड के चार चिकित्सकों ने शीर्ष दस में जगह बनाई हैं।
सिर्फ एक रुपये में हो जाता है आपरेशन
अपनी उपलब्धि के बारे में डा॰ प्रभात चौरसिया का कहना है कि ये आज के कामों का परिणाम नहीं हैं बल्कि पिछले पांच सालों के कामों का परिणाम है। आंखों के इलाज को वो एक पेशा नहीं बल्कि अभियान की तरह लेते हैं। उनका कहना है कि पिछले पांच वर्षों से हम इसे एक अभियान की तरह चला रहे हैं। इसके अंतर्गत वह आपरेशन के लिए आए हर मरीज से पूछते हैं कि तुम्हारा आपरेशन कराने में कितना रुपया खर्च हुआ, जब वह मरीज कहता है कि नहीं कोई रूपया खर्च नहीं हुआ। तब डा॰ चौरसिया जवाब में उसे बताते है कि नहीं तुम्हारा एक रूपया पर्चा बनवाने में तो खर्च हुआ हैं, तो अब अपने गांव में जिस गरीब इंसान की आंखों में समस्या हो तो उसे यहां लेकर आना। उससे कहना कि जिला अस्पताल में एक रूपया में आपरेशन होता है।