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उपचार चाहिए सीएचसी-पीएचसी को

जयपुर से आई चिकित्सा विभाग की टीम ने किया निरीक्षण, मिली कई कमियां

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Treatment should be given to CHC-PHC

उपचार चाहिए सीएचसी-पीएचसी को

झालावाड़. जिले की कई सीएचसी व पीएचसी का मंगलवार को जयपुर से आई चिकित्सा विभाग की टीम ने निरीक्षण किया। इस दौरान वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान कई कमियां मिली। कहीं पर्याप्त स्टाफ नहीं तो कहीं डॉक्टरों के पद ही रिक्त चल रहे हैं।
कई जगह तो बिजली-पानी की समस्या भी देखने को मिली। इसके अलावा कहीं व्यवस्थाएं सुचारू मिली। निरीक्षण के दौरान यह
देखने को मिला कि यह समस्याएं ज्यादा गंभीर नहीं, बल्कि जिला स्तर पर प्रयास करने से दूर हो सकती है।
महिला रोग विशेषज्ञ सहित चिकित्सकों के 9 पद खाली
पिड़ावा. चिकित्सा विभाग सलाहकार दीपक सैनी की अगुवाई में टीम ने पाया की लैबर रूम में स्टाफ की काफी कमी है। यहां महिला रोग विशेषज्ञ सहित चिकित्सकों के 11 में से 9 पद रिक्त है। जटिल प्रसव वाली प्रसूताओं को झालावाड़ रैफर किया जा रहा। लैबर रूम में चार मेडिकल ऑफिसर के आलावा 4 एएनएम एंव 4 स्टाफ नर्स की आवश्यकता है। चिकित्सालय प्रभारी डॉ. रईस अहमद, बीपीएम रजनी दवे सहित चिकित्सा विभाग की टीम के सदस्य उपस्थित रहे।
सोनोग्राफी होने से बढ़ी प्रसव की संख्या
रायपुर. सीएचसी पर सोनोग्राफी होने से मरीजों सहीत प्रस्तुओं को राहत मिली है। वहीं प्रसव की संख्या बढ़ी है, पूर्व में प्रति माह तीस-चालीस प्रसव होते थे, अब प्रतिमाह 100-120 हो रहे हैं। क्षेत्र के अलावा पिड़ावा, बकानी, सुनेल, असनावर, मध्यप्रदेश के सुसनेर, माचलपुर सहित अन्य स्थानों से सोनोग्राफी के मरीज आते हंै। डॉ. कुलवीर सिंह राजावत ने बताया कि रोजाना बीस से तीस सोनोग्राफी होती है।
यहां पीने का पानी ही नहीं मिल रहा
बैरागढ़. गेहूंखेड़ी के पीएचसी में मरीजों और तीमारदारों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। यहां दिसम्बर 2018 में मोटर चोरी हो गई। इसके बाद से ही पानी की किल्लत है। टंकियां खाली रहती हंै। ऐसे में इलाज कराने आए मरीजों को पेयजल के लिए भी परेशान है। ग्रामीण साजिद खान, रवि कुमार, लक्ष्मीनारायण किराड़, रामभरोस सेन आदि ने बताया कि अस्पताल में पेयजल की किल्लत है। वहीं स्टाफॅ भी पीने के पानी के लिए तरसता है। शौचालय में डालने के लिए भी पानी नहीं मिलता। नियमित साफ सफाई नहीं होती है। ट्यूबवेल में मोटर लगाने के लिए ब्लॉक सीएमएचओ डॉ. कुलवीर सिंह ने ग्राम पंचायत से सहयोग मांगने के बाद सरपंच ने सहमति जता दी थी, लेकिन अभी तक पंचायत ने भी समस्या पर ध्यान नहीं दिया। सरपंच ममता बाई किराड़ का कहना है कि पीएचसी में लगी मोटर चोरी हो जाने से परेशानी बढ़ी है। 2-4 दिन में पंचायत द्वारा मोटर लगा दी जाएगी। ब्लॉक सीएमएचओ डॉ.कुलवीर सिंह का कहना है जब तक पानी की मोटर नहीं लगाई जाती तब तक चौकीदार व इंचार्ज को पानी की व्यवस्था करने के लिए पाबंद करेंगे। जल्द ही समस्या का समाधान कराया जाएगा।
दो वर्ष से बंद पड़ी है ब्लड स्टोरेज
सुनेल. पंचायत समिति की सबसे बड़ी सीएचसी में दो वर्ष से ब्लड स्टोरेज बंद है। विभाग ने लाइसेंस रिनेवल नहीं कराया। इससे प्रसूताओं व गंभीर दुर्घटना के रोगियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ब्लॉक में ९ पीएचसी व ४ सीएचसी हैं। सुनेल, पिड़ावा व रायपुर क्षेत्र में कई सामाजिक संगठनों द्वारा रक्तदान शिविर लगाए जा रहे हैं। ग्रामीण अंचल में गर्भवती महिलाओं व दुर्घटना के मामले अक्सर ब्लड के अभाव में जिला मुख्यालय पर रैफर किए जाते हैं। यहां चिकित्सा विभाग द्वारा भवन तैयार है, एक चिकित्सक व एक लैब तकनीशियन भी है। सीएमएचओ डॉ. साजिद खान का कहना है कि ब्लड स्टोरेज के लिए शीघ्र ही लाइसेंस रिनेवल कराकर शुरू कर दी जाएगी। सीएचसी का मंगलवार को चिकित्सा विभाग सलाहकार दीपक सैनी की टीम ने निरीक्षण किया।चिकित्सालय में फिजीशन, शिशु रोग विशेषज्ञ आदि की कमी के बारे में जानकारी दी। वहीं प्रसुताओं को दी जानी वाली सुविधाओं में सुधार के निर्देश दिए। इस दौरान महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. रामभरत मीणा, ब्लॉक प्रोग्राम मैनजर रजनी दवे आदि उपस्थित थे।