
- प्रशासन व जनप्रतिनिधि को नहीं चिंता
झालावाड़.जिले के सबसे बड़े एसआरजी अस्पताल को करीब डेढ़ दशक पहले मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में तब्दील होने के बाद यहां सैंकड़ों चिकित्सक आए, कई नई जांच मशीनें पहुंची, कई विभाग खोल दिए। इतना होने के बाद भी सोनोग्राफी जैसी सामान्य जांचों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। सोनोग्राफी में तो यह इंतजार एक-दो घंटे का नहीं एक से दो माह का है। सोनोग्राफी के लिए एक माह का इंतजार चिकित्सालय के आउटडोर में मरीजों को सोनोग्राफी कराने के लिए एक माह आगे की तारीख दी जा रही है। उस तारीख को भी सोनोग्राफी होगी या नहीं। यह तय नहीं है। कारण सोनोग्राफी करने के लिए महज दो चिकित्सक ही होना। इनमें से एक चिकित्सक के अवकाश पर होने पर 70-80 सोनोग्राफी करने का बोझ आ जाता है। ऊपर से एक मशीन खराब है। ऐसे में हालात यह है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों तक की एक-दो घंटे इंतजार करने के बाद सोनोग्राफी की जा रही है।
यह है कारण-
सूत्रों ने बताया कि एसआरजी में दो चिकित्सक है, जो सोनोग्राफी करते है। ऐसे में यदि 50-50 सोनोग्राफी अगर दोनों करें तो 100 सोनोग्राफी प्रतिदिन हो सकती है। शेष को अगले दिन सुबह जल्दी बुलाकर उन मरीजों की सोनोग्राफी की जा सकती है। ताकि मरीजों को एक से दो माह का इंतजार नहीं करना पड़े। ऐसे में जिन मरीजों की सोनोग्राफी करना जरुरी होता है,उन्हे निजी लैब पर करवाना मजबूरी बना हुआ है। ऐसे में गरीब लोगों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
प्राइवेट का कर रहे रूख-
मरीज चिकित्सकों को दिखाने के बाद जब सोनोग्राफी कक्ष में जाता है तो उसे एक माह बाद की तारीख दी जा रही है। ऐसे में उसके पेट दर्द या अन्य परेशानी तो आज हो रही है, उसे तारीख एक माह बाद की मिल रही है, ऐसे में उसका इलाज कैसे होगा। मजबूरी में मरीजों को 600- 700 रुपए निजी सोनोग्राफी सेंटर पर देने पड़ रहे हैं।
एक माह पहले की तारीख-
पेट में दर्द की तकलीफ है। सोनोग्राफी कराने के लिए एक माह आगे की तारीख मिली है, आज गांव से आई थी। मुझे 10 अक्टूबर 2024 की तारीख दी गई है।
प्रवीणा बी, मरीज मिश्रोली।
मेरे भाई युसूफ का ऑपरेशन होना था। यूएसजी सोनोग्राफी लिखी मैं रसीद कटवाकर सोनोग्राफी कक्ष में गया तो कहा कि डॉक्टर साहब छुट्टी पर है। तीन माह बाद होगी। ऐसे में मैंने मेरे भाई की सोनोग्राफी बाहर करवाई तो एक हजार रुपए लगे।
फारूख अहमद, तीमारदार, झालावाड़।
डीन डॉ.सुभाष जैन से सीधी बात
पत्रिका: सोनोग्राफी के लिए मरीजों को दो-दो माह की तारीख दी जा रही ऐसा क्यों ï?
डीन: ऐसा नहीं है,एक डॉक्टर अवकाश पर है। वर्क लोड ज्यादा होता है तो ऐसी स्थिति आती है। एक मशीन भी खराब है। फिर भी हम प्रयास कर रहे।
पत्रिका: रेडियोलॉजी विभाग में कितने डॉक्टर है कितनों की मांग सरकार से की है?
डीन: हमारे पास एक प्रोफेसर, एक एसोसिएट प्रोफेसर व तीन एसआर के पद है, सभी रिक्त है, एक सहायक आचार्य मातृत्व अवकाश पर है, दो प्रशिक्षण प्राप्त सोनोलोजिस्ट है उनसे काम चल रहा है। हमने सरकार को मांग भेज रखी है, जैसे आएंगे लगा दिए जाएंगे।
पत्रिका: ये समस्या लंबे समय से बनी है, आप क्या प्रयास कर रहे ?
डीन: ये समस्या मेरे संज्ञान में भी आई है, एक मरीज ने शिकायत की है। हमारे स्तर पर जो भी अच्छा हो सकता है प्रयास कर रहे हैं
Published on:
04 Sept 2024 11:11 am
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