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सुरक्षा योजना के लाभार्थी परिवार परेशान छह माह से हो रहा है इंतजार, अन्नपूर्णा से दूर 2 लाख 43 हजार परिवार

Beneficiary families of security scheme are worried, waiting for six months, 2 lakh 43 thousand families away from Annapurna

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  • सुनेल. विधानसभा चुनाव के बाद सरकार बदलते ही अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना पर पिछले छह महीने से ब्रेक लगा हुआ है। खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल परिवारों को अगस्त 2023 में इस योजना में फूड पैकेट वितरण शुरु हुआ था। लाभार्थी परिवारों को अक्टूबर 2023 माह तक नियमित रुप से फूड पैकेट मिलते रहे। नवम्बर माह में फूड पैकेट का वितरण बंद हो गया। इसके बाद अभी तक दुबारा चालू नहीं हो पाए हैं। पिछले पांच माह से फूड पैकेट का वितरण जिले सहित पूरे प्रदेश में बंद है। इससे खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थी परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सुनेल. विधानसभा चुनाव के बाद सरकार बदलते ही अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना पर पिछले छह महीने से ब्रेक लगा हुआ है। खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल परिवारों को अगस्त 2023 में इस योजना में फूड पैकेट वितरण शुरु हुआ था। लाभार्थी परिवारों को अक्टूबर 2023 माह तक नियमित रुप से फूड पैकेट मिलते रहे। नवम्बर माह में फूड पैकेट का वितरण बंद हो गया। इसके बाद अभी तक दुबारा चालू नहीं हो पाए हैं। पिछले पांच माह से फूड पैकेट का वितरण जिले सहित पूरे प्रदेश में बंद है। इससे खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थी परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

डीलरों के कमीशन पर गिरी गाज

इस योजना के तहत अन्नपूर्णा फूड पैकेटों का वितरण सरकार राशन डीलरों से करवा रही थी। एक अन्नपूर्णा फूड पैकेट पर राशन डीलर को 10 रुपए कमीशन तय किया था। जिले की राशन की 613 उचित मूल्य की दुकानों हैं। इन दुकानों के डीलरों ने अगस्त से अक्टूबर माह तक नियमित रुप से लाभार्थियों को फूउ पैकेट का वितरण किया था। इसके एवज में राशन डीलरों को प्रत्येक फूड पैकेट के लिए 10 रुपए कमीशन के रुप में भुगतान किया गया था। इससे डीलरों को अतिरिक्त आय हो रही थी। नवम्बर माह से फूड पैकेट का वितरण बंद होने से न केवल गरीबों का निवाला छिन गया, बल्कि राशन डीलरों को भी कमीशन बंद होने से काफी नुकसान हो गया।

माह तक ही मिले थे नियमित फूड पैकेट

तत्कालीन राज्य सरकार की बजट घोषणा के अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में लाभान्वित परिवारों को गत 15 अगस्त से प्रति महीने मुख्यमंत्री नि:शुल्क अन्नपूर्णा फूड पैकेट्स का वितरण शुरू किया गया था। इसके बाद जिले में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत चयनित लगभग 2 लाख 43 हजार परिवारों को फूड पैकेट मिलना शुरू हो गए थे। रसद विभाग की ओर से अक्टूबर माह तक नियमित रुप से लाभार्थियों को फूउ पैकेट लाभार्थियों को नहीं मिले। जिससे इनकों परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पैकेट से हटाए फोटो, फिर भी वितरण ठप

इस योजना की शुरूआत में राशन के पैकेट पर पूर्व मुख्यमंत्री का फोटो लगा हुआ था। बाद में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लग गई। इस पर फूट पैकेट से पूर्व मुख्यमंत्री का फोटो हटा दिया गया था। इसके बाद अक्टूबर माह तक इनका वितरण हुआ, लेकिन फिर लाभार्थियों को अन्नपूर्णा फूड पैकेट मिलना बंद हो गया। छह माह से फूड पैकेट का वितरण बंद है। इससे लाभार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

फैक्ट फाइल

जिले में उचित मूल्य की दुकानें - 613

जिले में लाभान्वित परिवार - 2.43 लाख

पैकेट में चीनी - 1000 ग्राम

पैकेट में चना दाल - 1000 ग्राम

पैकेट में नमक - 1000 ग्राम

पैकेट में मिर्च पाउडर - 100 ग्राम

पैकेट में धनिया - 100ग्राम

अन्नपूर्णा फूड पैकेट में मिली राशन सामग्री से एक गरीब परिवार को काफी सहायता मिलती थी, लेकिन इसके बंद होने से अब से सामग्री बाजार से खरीदनी पड़ रही है। जबकि इस योजना में मिलने वाली राशन सामग्री से गरीब परिवार का महीने भर का काम चल जाता था,उनको यह सामग्री बाजार से नहीं खरीदनी पड़ती थी।

गायत्री बाई, लाभार्थी

अन्नपूर्णा फूड पैकेट के वितरण पर सरकार ने प्रति पैकेट पर 10 रुपए का कमीशन तय किया था। इनके वितरण से राशन डीलरों को अतिरिक्त आय होने लगी थी। पिछले छह माह से पैकेट का वितरण बंद होने से डीलरों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

सीताराम राठौर, राशन डीलर

जिले के लाभार्थी परिवारों को अक्टूबर माह तक अन्नपूर्णा फूड पैकेट बांटे गए थे। इसके बाद नवम्बर 2023 से ही फूड पैकेट नहीं आ रहे है। अब सरकार की क्या पॉलिसी है, इसकी कोई जानकारी नही है। जब फूड पैकेट ही बंद हो गए तो कमीशन भी बंद हो गया।

जितेन्द्र कुमार जिला रसद अधिकारी झालावाड़