जोधपुर. विश्व ऊंट दिवस के मौके पर गुरुवार को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के मंडोर रोड िस्थत सहायक प्रशिक्षण केंद्र से कैमल सफ़ारी निकाली गई। सजे-धजे ऊंटों पर बीएसएफ के जवान एक लय व ताल में आगे बढ़ रहे थे। राहगीरों और वाहन चालक कैमल सफारी देखकर रोमांचित हो उठे।
बीएसएफ और मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में कैमल सफारी का आयोजन किया गया। बीएसएफ के द्वार संख्या एक से शुरू होकर सफारी राव जोधा मार्ग से होते हुए मेहरानगढ़ दुर्ग पहुंची। सफारी में 45 ऊंट शामिल हुए। बीएसएफ राजस्थान फ्रंटियर के महानिरीक्षक पुनीत रस्तोगी और बीएसएफ सहायक प्रशिक्षण केंद्र के उपमहानिरीक्षक योगेंद्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में कैमल परेड आयोजित की गई। मेहरानगढ़ पहुंचने पर म्यूजियम ट्रस्ट, कैमल करिज्मा, टैंको इंटेक्स जोधपुर, कैमल कंजर्वेशन ट्रस्ट और महावीर युवा संघ के सदस्यों की ओर से स्वागत किया गया।
गौरतलब है कि पूर्व महाराजा हनवंत सिंह का चुनाव चिन्ह ऊंट था और प्रदेश का राज्य पशु भी इस समय ऊंट है, लेकिन इनकी संख्या में लगातार गिरावट आती जा रही है। ऊंट के बारे में जागरूकता पैदा करने और उसके संरक्षण का संदेश लोगों तक पहुंचाने के लिए इस सफारी का आयोजन किया गया।