
एमडीआर में क्रमोन्नत सड़क, लेकिन की मरम्मत नहीं करवाई गई
चितलवाना. इसे सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों की अनदेखी कहें या सड़क पर चलने वाले वाहनचालकों की बदकिस्मती। राज्य सरकार की ओर से एमडीआर में सड़कों को क्रमोन्नत तो कर दिया गया, लेकिन विभाग ने बीते पांच सालों में भी इनका नवीनीकरण नहीं कराया। ऐसे में सालों बाद भी क्षेत्र के लोगों को इन्हीं टूटी-फूटी सड़कों पर सफर करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि राज्य सरकार की ओर से लम्बी दूरी तय करने में सुविधा को लेकर वर्ष 2015 में भीनमाल, बागोड़ा से चितलवाना व सांचौर तहसील के गांवों तक की लम्बी सड़कों को एमडीआर में क्रमोन्नत किया गया था, लेकिन विभाग की ओर से कागजी खानापूर्ति करने के बाद पांच साल में भी इन सड़कों नवीनीकरण नहीं किया। जिसके कारण आज भी यहां के लोगों को खतरे भरा सफर करना पड़ रहा है।
ये सड़कें की थी स्वीकृत
बागोड़ा तहसील के नरसाणा से वाया झाब, सिवाड़ा, चितलवाना होते हुए डूंगरी तक, भीनमाल से वाया सांचौर होते हुए सरवाणा तक, सांचौर से वाया भवातड़ा से बाकासर तक, भीनमाल से वाया जैलातरा से मीठीबेरी तक लम्बी सड़क को विभाग की ओर से एमडीआर सड़क में क्रमोन्नत किया गया था। इसके बावजूद इन सड़कों की मरम्मत नहीं करवाई गई।
इनका कहना...
राज्य सरकार की ओर से लम्बी सड़कों को एमडीआर में स्वीकृत किया गया था, लेकिन आज भी वाहनचालकों को टूटी सड़कों से गुजरना पड़ रहा है। यह सफर खतरे से खाली नहीं है।
- रघुनाथ साऊ, ग्रामीण, हेमागुड़ा
क्षेत्र की चार लम्बी सड़कें क्रमोन्नत होने के बाद में नवीनीकरण के प्रस्ताव मांगे गए थे, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिलने से उनका नवीनीकरण नहीं हो पाया है।
- ओमप्रकाश सुथार, पीडब्ल्यूडी एईएन, सांचौर
Published on:
06 Mar 2020 10:40 am
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