
सम्मेद शिखर जैन तीर्थ को बचाने उतरा जैन समाज
जालोर. तीर्थराज झारखंड के सम्मेद शिखर जी को पर्यटन स्थल घोषित करने के विरोध में जालोर जैन समाज की ओर से बुधवार को मौन जुलूस निकाला गया। सुबह 11:00 बजे जैन बोर्डिंग से जुलूस कलक्ट्रेट तक पहुंचा। एडीएम को ज्ञापन दिया गया। जालोर जिला जैन फेडरेशन के तत्वाधान में एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय वन मंत्री एवं झारखंड के मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन दिया।
इस दौरान झारखंड सरकार की सद्बुद्धि के लिए जैन समुदाय के लोगों ने णमोकार महामंत्र के जाप किए।फेडरेशन सचिव महेंद्र कुमार मुणोत ने बताया कि सम्मेद शिखर जैन धर्म का सर्वोच्च आस्था केंद्र है। झारखंड सरकार द्वारा उसे पर्यटन क्षेत्र घोषित करने से जैन समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई है। इसको लेकर पूरे भारत में विश्व जैन संगठन के आह्वान पर जैन समाज द्वारा विरोध प्रदर्शन, ज्ञापन देकर सरकार द्वारा जारी अधिसूचना को रद्द करने की मांग की जा रही है। ओसवाल समाज के उपाध्यक्ष धनपत मुथा ने ज्ञापन को जन समुदाय को पढ़कर सुनाया ।
दोपहर तक बंद रखे प्रतिष्ठान
जैन समाज के मांगों के पक्ष में व्यापारियों के संगठन दी जनरल मर्चेंट एसोसिएशन ने भी समर्थन किया। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान दोपहर 12 बजे तक बंद रख नैतिक समर्थन दिया। फेडरेशन के उपाध्यक्ष कालू राज मेहता ने बताया कि पारसनाथ पर्वतराज को जोनल मास्टर प्लान पर्यटन सूची से बाहर करने और पर्वतराज को मांस मदिरा बिक्री मुक्त पवित्र जैन तीर्थ स्थल घोषित करने की मांग भी की गई है।
ये थे शामिल
जुलूस में महावीर कोठारी, विक्रम पोरवाल, धनपत मुथा,मूलचंद शाहजी, विकास बोहरा, ओसवाल सिंह सभा के सचिव शांति कुमार भंडारी, कोषाध्यक्ष तरुण सोलंकी, डूंगरमल मुणोत, रमेश जैन, रमेश बोहरा, महिला मोर्चा भाजपा की जिला अध्यक्ष मंजू सोलंकी, दिनेश चौधरी, राकेश भंसाली, राजेंद्र जैन, शांतु मुथा, श्रीकांत सोलंकी, प्रवीण सोनवाडिया मुथा, देवेंद्र जैन,मुकेश मुथा, छोटमल भंडारी, दिनेश सोनगरा, कैलाश मुणोत, नेमीचंद जैन, हुक्मीचंद भंडारी,भैरूमल जैन सहित सैकड़ों की संख्या में जैन समाज के लोग उपस्थित थे।
Published on:
22 Dec 2022 09:44 am
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