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जिंदगी भर नहीं भूलेगी वो बरसात की रात….

-स्वरांजलि कार्यक्रम में गायकों ने दी प्रस्तुतियां-नादस्वरम् के संस्थापक कमलेश व्यास की स्मृति में आयोजन

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जिंदगी भर नहीं भूलेगी वो बरसात की रात....

जिंदगी भर नहीं भूलेगी वो बरसात की रात....

जैसलमेर. नादस्वरम के संस्थापक अध्यक्ष कमलेश व्यास की प्रथम पुण्यतिथि पर संस्था के सुर साधकों की ओर से स्वरांजलि कार्यक्रम का आयोजन जैसलमेर नगर परिषद के सभापति हरिवल्लभ कल्ला के सहयोग से स्थानीय पुष्करणा भवन में किया गया। कार्यक्रम के संयोजक अनिल पुरोहित ने बताया कि सुर साधकों द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। शोभा भाटिया ने राग मालकौंस में नटराज स्तुति, अर्पणा बिस्सा ने सुख के सब साथी, मनोज बिस्सा ने जिंदगी भर नहीं भूलेगी वो बरसात की रात, जितेंद्र सोनी ने हर हर महादेव, अर्चना केवलिया ने झुकी झुकी सी नजर, आनंद व्यास ये जुल्फ अगर, नेहा गोपा ने रुद्राष्टकम, अनिल पुरोहित ने राग देस में काशी के बसैय्या, शोभा हर्ष ने राग आसावरी में कबीर भजन तू कर ले सिंगार, नेहा व्यास ने राग यमन में गजल आज जाने की जि़द ना करो, रोहित जैन ने राग भुपाली में दुनिया किसी के प्यार में जन्नत से कम नहीं, केशव केवलिया ने राग देस में कृष्ण-कृष्ण काहे ना बोले, रंजना व्यास ने अच्युतम केशवम्, यशस्वी व्यास व शैली पुरोहित ने राग देसकार पर आधारित ज्योति कलश छलके, वसुंधरा गोपा ने राग देस में जाऊं तोरे चरण, कमल पर वारी और महेश गोयल ने राग जनसम्मोहिनी में मैली चादर ओढ़ के...जैसी रचनाओं को गाकर वातावरण को संगीतमय बना दिया। संगीत संध्या में स्व. व्यास के अनुज डॉ. एस के व्यास ने उनके साथ ही गाया जाने वाला गीत सारंगा तेरी याद में गाकर पुरानी यादों को ताजा किया। मुंबई से आए वासुदेव हर्ष ने राग नंद में शास्त्रीय रचना अजहूं ना आए बालम गाकर शास्त्रीय संगीत शैली का एहसास कराया। अमित व्यास ने स्वरचित रचना सुनाकर यह बताया कि किस तरह से परिवार में बड़ों का खासतौर से पिता का महत्व होता है। रजत पोलजी ने बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी गजल प्रस्तुत की। जैसलमेर विकास समिति के सचिव चंद्रप्रकाश व्यास ने पुराने संस्मरण बयां किए। संगीत संध्या के विशिष्ट अतिथि पुष्करणा न्याति ट्रस्ट के अध्यक्ष कमल ओझा, विशिष्ट अतिथि पूर्व राजपरिवार की पिकूसिंह, मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित पूर्व राजघराने के दुष्यंत सिंह और ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष डॉ. एसके दुबे ने भी विचार व्यक्त किए। मनोज बिस्सा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संगीत संध्या में आनंद व्यास और अनिल पुरोहित ने हारमोनियम एकेशव ने तबला अर्चना बिस्सा ने खंजरी रमेश पुरोहित ने खड़ताल एवं आश्रय बिस्सा ने मंजीरा पर संगत दी।