23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Solar Energy: ग्रीन एनर्जी की ओर राजस्थान का नया कदम, मिलेगी सस्ती और स्वच्छ बिजली

Renewable Energy India: राजस्थान में ऊर्जा क्रांति: पोकरण में 1.8 गीगावॉट सौर संयंत्र का शुभारंभ, सीएम भजनलाल का बड़ा ऐलान – हर घर बनेगा सौर ऊर्जा उत्पादक।

2 min read
Google source verification

Rajasthan Solar Power: जयपुर। राजस्थान ने अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए जैसलमेर के पोकरण में रिन्यू पावर के 1.8 गीगावॉट पीक सौर ऊर्जा संयंत्र का भव्य उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसे प्रदेश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि राज्य की भौगोलिक स्थिति, प्राकृतिक संसाधन और कुशल मानवबल राजस्थान को नवीकरणीय ऊर्जा का अग्रणी केंद्र बना सकते हैं। इस परियोजना से न केवल स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन होगा, बल्कि हजारों रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे और उपभोक्ताओं को किफायती दरों पर निर्बाध बिजली उपलब्ध हो सकेगी।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान में सौर ऊर्जा की अपार संभावनाएं हैं। हमारी सरकार नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में विकास को लेकर प्रतिबद्धता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हम सभी की सहभागिता से राजस्थान में ऊर्जा के क्षेत्र में हरित और उज्जवल भविष्य का निर्माण करेंगे जिससे उत्कृष्ट और विकसित राजस्थान की संकल्पसिद्धि हो सके।
शर्मा गुरूवार को जैसलमेर के पोकरण में रिन्यू पावर के 1.3 गीगावॉट पीक के सौर ऊर्जा संयंत्र के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।


यह भी पढ़ें: Isarda Dam: खुशखबरी, इस मानसून ईसरदा बांध में होगा जल संग्रहण, 90% कार्य पूरा, 1256 गांवों को मिलेगा पानी

राजस्थान की भौगोलिक स्थिति भी नवीकरणीय ऊर्जा के अनुकूल

1-कच्चे माल की भरपूर उपलब्धता, अच्छा  औद्योगिक बुनियादी ढांचा, अनुकूल भौगोलिक स्थिति और कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता प्रदेश को नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के निवेशकों के लिए एक उपयुक्त स्थान बनाते हैं।

2-राजस्थान की भौगोलिक स्थिति भी नवीकरणीय ऊर्जा के अनुकूल है। राजस्थान में 142 गीगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन की संभावनाएं हैं।

3-सौर तथा पवन ऊर्जा उत्पादन को एकीकृत करने की दिशा में पहल करते हुए पश्चिमी राजस्थान में एक ग्रीन कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। इसमें एक ग्रिड सब स्टेशन का नेटवर्क भी शामिल है, जिससे 6,311 मेगावाट हरित ऊर्जा उत्पादित होने का अनुमान है।

4-सरकार नवीकरणीय ऊर्जा की उत्पादक कंपनियों को उचित दरों पर  बड़े सरकारी भूखंड उपलब्ध करवा रही है। केंद्र एवं  राज्य  सरकार कौशल संवर्धन, बुनियादी ढांचा और तकनीकी विकास के लिए अनेक योजनाएं भी संचालित कर रही है।

5-जैसलमेर की सुनहरी धरा पर स्थापित इस सोलर प्लांट से  राज्य  में ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर किए जा रहे कार्यों को गति मिलेगी।

6-इस सोलर प्लांट से उत्पादित समस्त बिजली राजस्थान की वितरण कंपनियों को कम दरों पर उपलब्ध कराई जाएगी।

7-उपभोक्ताओं को ऊर्जा निर्बाध रूप से मिल सकेगी तथा भविष्य की परियोजनाओं के लिए भी एक बेंचमार्क तैयार होगा।

8-इस संयंत्र से 1,500 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। सौर ऊर्जा पर्यावरण के अनुकूल और सबसे स्व‘छ ऊर्जा है। अन्य ऊर्जा स्रोतों के भंडार सीमित हैं लेकिन सौर ऊर्जा का कोई क्षय नहीं होता है, यह अक्षय ऊर्जा है। हर परिवार सौर ऊर्जा का उत्पादक बन सकता है।

यह भी पढ़ें: ERCP Mission : समय से पहले मिलेगा जीवनदायिनी जल, पूर्वी राजस्थान के जल संकट पर लगेगा पूर्ण विराम