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पुलिस ने कसी कमर, अब ग्रामीण बस स्टैंड में खड़ी हो रही बसें

पोकरण कस्बे में गत लंबे समय से चल रही अस्थायी बस स्टैंडों की समस्या को लेकर पुलिस ने कमर कस ली है।

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पोकरण कस्बे में गत लंबे समय से चल रही अस्थायी बस स्टैंडों की समस्या को लेकर पुलिस ने कमर कस ली है। सोमवार को पुलिस ने कस्बे के मुख्य मार्गों पर बने अस्थायी बस स्टैंडों पर एक भी बस नहीं लगने दी। जिससे मुख्य मार्ग खुले व चौड़े नजर आए। गौरतलब है कि कस्बे में नगरपालिका का एक वर्षों पुराना बस स्टैंड स्थित है। यहां से जोधपुर व बाड़मेर की तरफ जाने वाली रोडवेज बसोंं के साथ बाड़मेर, फलसूंड, भणियाणा, राजमथाई, कलाऊ आदि रूटों पर संचालित होने वाली निजी बसें खड़ी रहती है। सांकड़ा, नाचना रूट की बसें रावणा राजपूत समाज की जमीन पर बने ग्रामीण बस स्टैंड से संचालित होती है। जोधपुर-जैसलमेर के साथ ही जयपुर, अहमदाबाद, बीकानेर आदि रूटों की निजी व रोडवेज बसें जैसलमेर रोड पर स्थित दो अलग-अलग अस्थायी बस स्टैंडों पर खड़ी रहती थी। ये अस्थायी बस स्टैंड सडक़ पर ही बने हुए थे। ऐसे में बसों के खड़े हो जाने पर उनके आसपास हाथ ठेला चालक व टैक्सी चालकों की भीड़ हो जाती थी। जिससे यातायात व्यवस्था आए दिन बिगड़ रही थी। साथ ही आमजन को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

पत्रिका ने समाचार किए प्रकाशित, वृताधिकारी ने ली बैठक

अस्थायी बस स्टैंडों को लेकर राजस्थान पत्रिका में कई बार समाचार प्रकाशित किए गए। गत मार्च माह में पुलिस वृताधिकारी भवानीसिंह राठौड़ ने सभी निजी बस संचालकों की बैठक लेकर अस्थायी बस स्टैंडों को खत्म कर सडक़ पर बसोंं को खड़ा नहीं करने के लिए पाबंद किया था। इन बस संचालकों को 6 अप्रेल तक का समय दिया गया था। तब तक उन्हें बस स्टैंड के लिए जगह देखने के लिए कहा गया था।

अब सडक़ पर खड़ी नहीं होगी बस

पुलिस वृताधिकारी राठौड़ के निर्देशों की पालना में यातायात पुलिस प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक सवाईसिंह तंवर ने सभी बस संचालकों से मिलकर उन्हें सोमवार से सडक़ों पर बसें खड़ी नहीं करने के लिए पाबंद किया। सोमवार को सुबह यातायात प्रभारी तंवर के नेतृत्व में पुलिसकर्मी मुख्य मार्गों पर तैनात हो गए। कस्बे के अस्थायी बस स्टैंडों को खत्म कर यहां किसी भी बस को खड़ा नहीं करने दिया गया। जिसके चलते दिनभर मुख्य मार्ग खुले व चौड़े नजर आए और आमजन को भी राहत मिली।

कुछ ग्रामीण बस स्टैंड तो कुछ ने बनाया नया बस स्टैंड

पुलिस की ओर से की गई सख्ती के बाद सोमवार को कई निजी बसें ग्रामीण बस स्टैंड में खड़ी हुई। कुछ निजी बसों की ओर से स्टेशन रोड पर अंबेडकर सर्किल के पास एक बाड़े में बस स्टैंड बनाया गया, लेकिन यहां कुछेक बसें ही पहुंची। अधिक दूरी व सुविधाओं की कमी के कारण अधिकांश बसें ग्रामीण बस स्टैंड में ही खड़ी हुई।

सडक़ों से नहीं लेंगे सवारी

बस चालकों की ओर से सडक़ स्टैंड से रवाना होने के बाद भी सडक़ों पर खड़ी सवारियां चढ़ाने के दौरान मुख्य सडक़ पर ही बसों को खड़ा कर दिया जाता था। यातायात पुलिस सोमवार को दिनभर कस्बे के मुख्य मार्गों पर गश्त करती रही। इस दौरान किसी भी बस को सडक़ से भी सवारियां नहीं लेने दी गई। केवल निर्धारित स्टैंड से ही बस चालक सवारियां ले सकते है।