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जैसलमेर में ताज होटल जैसे आतंकी हमले को एनएसजी ने विफल किया!

- सीमांत जिले में पहली बार एनएसजी की मॉकड्रिल ने वास्तविक खतरे की तरफ संकेत किया- कुछ अर्सा पहले आइबी से बीएसएफ को आतंकियों की घुसपैठ का मिल चुका है इनपुट

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जैसलमेर में ताज होटल जैसे आतंकी हमले को एनएसजी ने विफल किया!

जैसलमेर में ताज होटल जैसे आतंकी हमले को एनएसजी ने विफल किया!


जैसलमेर. 26 नवम्बर 2011 की काली रात देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई में पाकिस्तान से समुद्री सीमा पार कर आतंकियों ने जैसा हमला किया और जिस ढंग से आतंकवादियों ने मुम्बई के ताज होटल में घुस कर वहां ठहरे लोगों सहित स्टाफ सदस्यों का कत्लेआम किया, वैसा ही मंजर गत बुधवार रात को सीमांत जैसलमेर शहर के सम मार्ग स्थित सबसे बड़े होटल पर दिखाई दिया। हालांकि यह एनएसजी के मॉकड्रिल का हिस्सा था लेकिन इसने जैसलमेर पर मंडराते ख्तरे की तरफ इशारा भी कर दिया। एनएसजी ने यहां पहली बार इतने बड़े पैमाने पर मॉकड्रिल में अपनी ऑपरेशनल क्षमता का प्रदर्शन किया। जिसमें उसके 200 से 250 पूर्णतया प्रशिक्षित कमांडोज ने भागीदारी की। गौरतलब है कि कुछ अर्सा पहले आइबी से मिले इनपुट के आधार पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जैसलमेर में सीमा सुरक्षा बल को सावचेत रहने के लिए निर्देशित किया था। आइबी को यह इनपुट मिला था कि जैसलमेर स्थित अंतरराष्ट्रीय सीमा के रास्ते पाकिस्तान से करीब छह आतंकवादी भारत में घुसने का प्रयास कर सकते हैं। इस इनपुट के बाद बल ने सीमा पर चौकसी व्यवस्था को और चाक चौबंद कर दिया था। जानकारों की मानें तो एनएसजी का यह मॉकड्रिल उसी कड़ी का अगला कदम है। ऐसे में यह माना जा सकता है कि कानून व्यवस्था ही नहीं अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी प्राय: शांत रहने वाले जैसलमेर पर भविष्य में कोई संकट आ सकता है। गौरतलब है कि जैसलमेर एक पर्यटननगरी है और सीजन के दिनों में यहां प्रतिदिन हजारों देशी ही नहीं विदेशी सैलानी भी घूमने आते हैं।
कंट्रोल रूम से जानकारी मिली कि धमाका हुआ
बुधवार देर शाम करीब 7 बजे के बाद पुलिस कंट्रोल रूम को यह संदेश मिला कि कहीं पर धमाका हुआ है। इसके बाद पुलिस ने सबसे पहले पता लगाया कि यह धमाका कहां हुआ है। पुलिस के साथ क्विक रेस्पाँॅस टीम हरकत में आई। साथ ही एआरटी, सेना की विशेष टीम, सीसुब तथा प्रशासन भी हरकत में आया। फिर यह जानकारी सामने आई कि सम मार्ग स्थित एक बड़े होटल में सफेद रंग की बोलेरो गाड़ी से करीब 6 लोग गार्ड को गोली मारते हुए भीतर घुसे हैं। उन्होंने एक पर्यटक को भी घायल कर दिया तथा करीब 8 जनों को बंधक बना लिया। पुलिस अधीक्षक ने तत्काल एनएसजी को सूचित किया। एनएसजी का दस्ता गुजरात के गांधीनगर से अपने डॉग स्कवायड के साथ जैसलमेर पहुंचा और थोड़ी देर में उसका लवाजमा होटल की तरफ बढ़ा। होटल के बाहर पहुंचने के बाद एनएसजी ने तीन चरणों में अपनी टीम को विभक्त किया। उनका दिल्ली स्थित अधिकारियों से सीधा सम्पर्क बना हुआ था। अत्याधुनिक हथियारों व भारी भरकम उपकरणों के साथ एनएसजी के कमांडोज ने आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ करते हुए उनके पांच साथियों को मार गिराया और एक आतंकी को जिंदा दबोच लिया। यह मॉकड्रिल तडक़े करीब साढ़े तीन बजे तक चली। जिला कलक्टर टीना डाबी तथा एसपी भंवरसिंह नाथावत के साथ प्रशासन व पुलिस का पूरा अमला मौके पर पहुंचा। घायलों को त्वरित ढंग से अस्पताल पहुंचाने के अलावा जिले में नाकाबंदी, रेलवे स्टेशन व बस अड्डों पर निगरानी जैसे कदम भी उठाए गए। इससे पहले जैसलमेर शहर से एनएसजी और अन्य सुरक्षा बलों के वाहनों की रेलमपेल को देखकर आमजन पहले पहल घबरा भी गए। उन्हें लगा कि कहीं सचमुच धमाका हुआ है। जब मॉकड्रिल के बारे में उन्हें जानकारी मिली तो उन्हें राहत मिली। इस मॉकड्रिल में 500 से ज्यादा सुरक्षा बलों के जवानों ने भागीदारी की। पुलिस व अन्य एजेंसियों के वाहनों के साथ एम्बुलेंस तथा फायर ब्रिगेड को इसमें शामिल किया गया।

आमजन को भरोसा मिला
जैसलमेर में एनएसजी तथा पुलिस व अन्य एजेंसियों की तरफ से इतने बड़े पैमाने पर जो मॉकड्रिल किया गया, उससे लोगों में अपनी फोर्सेज के प्रति विश्वास बढ़ेगा। उन्हें महसूस होगा कि अगर इस तरह की घटना वास्तविक रूप में होती है तो उससे निपटने के लिए हमारी फोर्सेज किस तरह से तैयार है। एनएसजी के पेशेवराना अंदाज व काम करने के तरीके से पुलिस भी बहुत प्रभावित हुई है।
- भंवरसिंह नाथावत, जिला पुलिस अधीक्षक, जैसलमेर