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नगरपरिषद चुनाव-2019:पार्षदों की टिकटों पर जयपुर में चल रहा मंथन

जैसलमेर नगरपरिषद चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया जारी है, लेकिन दोनों प्रमुख पार्टियों कांग्रेस और भाजपा की ओर से उम्मीदवारों की घोषणा नहीं होने से अभी तक इसमें तेजी नहीं आ पाई है। कांग्रेस तथा भाजपा दोनों के बड़े नेता पिछले दो दिनों से राजधानी जयपुर में डेरा डाल कर प्रत्याशियों की सूची को अंतिम रूप देने में जुटे हैं और यहां टिकटों के दावेदार और उनके समर्थक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

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nagar parishad election-2019:Churning in Jaipur on councilor's tickets

नगरपरिषद चुनाव-2019:पार्षदों की टिकटों पर जयपुर में चल रहा मंथन

जैसलमेर. जैसलमेर नगरपरिषद चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया जारी है, लेकिन दोनों प्रमुख पार्टियों कांग्रेस और भाजपा की ओर से उम्मीदवारों की घोषणा नहीं होने से अभी तक इसमें तेजी नहीं आ पाई है। कांग्रेस तथा भाजपा दोनों के बड़े नेता पिछले दो दिनों से राजधानी जयपुर में डेरा डाल कर प्रत्याशियों की सूची को अंतिम रूप देने में जुटे हैं और यहां टिकटों के दावेदार और उनके समर्थक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि दोनों पार्टियां रविवार को ऐसे वार्डों में प्रत्याशियों की घोषणा कर सकती हैं, जहां ज्यादा टकराव नहीं है। इसके बाद जिन वार्डों में टिकटों के लिए खींचतान अधिक है, उनके बारे में फैसला आने वाले दिनों में होने की उम्मीद जताई जा रही है।
नेता कर रहे मशक्कत
जानकारी के अनुसार कांग्रेस की टिकटों का फैसला करने के लिए जयपुर में जिला प्रभारी डॉ. बीडी कल्ला के साथ जिले से कैबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद, विधायक रूपाराम धनदे और कमेटी सदस्यों जिलाध्यक्ष गोविंद भार्गव, अग्रिम संगठनों के अध्यक्ष, पूर्व सभापति व पूर्व यूआइटी अध्यक्ष आदि ने शनिवार को लम्बी बैठक की। दूसरी ओर भाजपा की ओर से पर्यवेक्षक अर्जुनलाल गर्ग, संगठन प्रभारी महेंद्र मेघवाल और जिलाध्यक्ष जुगलकिशोर व्यास ने जयपुर में अन्य पार्टी नेताओं के साथ विचार मंत्रणा की। दोनों पार्टियों के नेता अपने साथ शहर के सभी ४५ वार्डों के लिए दावेदारों के पैनल ले गए हैं। उन पर हर तरह से चर्चा करने के अलावा प्रतिद्वंद्वी दल के संभावित प्रत्याशी को भी जेहन में रखा जा रहा है। यह माना जा रहा है कि जिन प्रत्याशियों के टिकट को हरी झंडी मिलेगी, उन्हें लिखित में सूची जारी होने से पहले मौखिक तौर पर सूचित कर दिया जाएगा ताकि वह अपनी तैयारी में जुट जाएं। दोनों दलों में प्रत्याशी चयन का प्रमुख आधार उसका जिताऊ होना ही है। इसके अतिरिक्त नेता अपने खेमे के ज्यादा से ज्यादा दावेदारों को टिकट दिलाने पर जोर दे रहे हैं।
दावे अपने-अपने
सत्ता में होने से कांग्रेस नगरपरिषद में काबिज होने को लेकर आशान्वित है और उनके वरिष्ठ नेता इसको लेकर दावे भी कर रहे हैं। उधर, भाजपा के नेता पुराने शहर में असरदार प्रदर्शन करने का दावा कर रहे हैं। उनका भी दावा है कि भाजपा दुबारा बोर्ड बनाएगी।