2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Trishakti Prahar Exercise: राजस्थान में धमाकों से गूंजी सरहद, कांपा दुश्मन

Trishakti Prahar Exercise: रेगिस्तानी क्षेत्र में त्रिशक्ति प्रहार युद्धाभ्यास में भारतीय वायु सेना, आर्मी और नेवी का एक साथ विषम परिस्थितियों में संकट के दौरान बेहतर तालमेल का अभ्यास किया जाएगा। युद्ध अभ्यास के दौरान नए हथियारों का परीक्षण भी होगा।

2 min read
Google source verification
trishakti_prahar_exercise.jpg

Trishakti Prahar Exercise: रेगिस्तानी क्षेत्र में तीनों सेनाओं का अभ्यास त्रि-शक्ति प्रहार सोमवार को शुरू हुआ। भारतीय वायुसेना और विशेष रूप से दक्षिण पश्चिमी वायु कमान की परिचालन, तत्परता और क्षमताओं को अन्य दो सेनाओं के साथ प्रदर्शित किया गया।


अभ्यास का उद्देश्य तीनों सेनाओं के बीच पूर्ण तालमेल के साथ जमीनी और हवाई युद्ध पर ध्यान केंद्रित करना है। इसके तहत कई फिक्स्ड और रोटरी विंग विमान दिन और रात संचालन करेंगे। इसका उद्देश्य संयुक्त युद्धाभ्यास को मजबूत करना और लगभग युद्ध के कृत्रिम माहौल में ऑपरेशन से संबधित प्लान को क्रियान्वित करने का अभ्यास है। करीब 13 दिन चलने वाले युद्धभ्यास में 30 हजार सैनिक भाग लेंगे।


रेत के समंदर में विषम भौगोलिक परिस्थितियों में ताकत, तजुर्बा व तकनीक को एक साथ परखा जाएगा। त्रिशक्ति प्रहार नामक इस युद्धाभ्यास में भारतीय वायु सेना, आर्मी और नेवी का एक साथ विषम परिस्थितियों में संकट के दौरान बेहतर तालमेल का अभ्यास किया जाएगा। युद्ध अभ्यास के दौरान नए हथियारों का परीक्षण भी होगा।


युद्धाभ्यास में विशेष रूप से पुणे स्थित वायुसेना की दक्षिण पश्चिमी कमान की ऑपरेशनल कैपेबिलिटी और रेडिनेस का प्रदर्शन किया जाएगा। मौजूदा समय में रूस और यूक्रेन के मध्य चल रहे युद्ध को देखते हुए आधुनिक तकनीक व तजुर्बा युद्ध अभ्यास के दौरान परखा जा रहा है। आर्मी की 21 कोर की ओर से किए जा रहे त्रिशक्ति प्रहार में तीनों सेनाएं शामिल होगी। युद्ध अभ्यास के दौरान युद्ध के जैसा वास्तविक माहौल बनाने की भी कवायद होगी।

इनका भी होगा अभ्यास
युद्धाभ्यास दौरान खुफिया व निगरानी, टोही विमान की ओर से लंबी दूरी की मारक शक्ति, संयुक्त हथियार संचालन, तेज डायनेमिक और डीप स्ट्राइक ओफेंसिव केपेबीली जैसी विभिन्न क्षमताओं का प्रदर्शन भी किया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमता भी परखी जाएगी। युद्धाभ्यास में मानव रहित हवाई वाहन, काउंटर-ड्रोन सिस्टम, संचार प्रणाली और ऑटोमेटिक स्पेक्ट्रम मॉनिटरिंग सिस्टम जैसी विशिष्ट टेक्नोलॉजी की टेस्टिंग की जाएगी। आर्मी के टी-90एस और अर्जुन मुख्य युद्धक टैंक, विभिन्न प्रकार के हॉवित्जर, हेलीकॉप्टर, अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर, चिनूक हेवी-लिफ्ट हेलीकॉप्टर व हथियारों की मारक क्षमता का प्रदर्शन होगा।


यह भी पढ़ें : भारतीय जवानों ने पाकिस्तानी रेंजर्स का करवाया मुंह मीठा