
मरु-महोत्सव के तीसरे दिन मंगलवार को सुबह 7:30 बजे गड़ीसर झील पर राजस्थानी लोक संगीत की सुरलहरियों के बीच योग सत्र आयोजित हुआ।

जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

लोक संगीत संग योग से शुरुआत हुई।

इसके बाद 9:30 बजे से डेडानसर मैदान में ऊंटों से जुड़े रोमांचक कार्यक्रम हुए।

जहां ऊंटों के अद्भुत करतब देखने को मिले।

कार्यक्रम में सीमा सुरक्षा बल का कैमल टैटू शो मुख्य आकर्षण रहा।

इसके अलावा ऊंट श्रृंगार प्रतियोगिता, शान-ए-मरुधरा स्पर्धा, कैमल पोलो मैच, रस्सा-कशी, पणिहारी मटका दौड़ और ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिताएं भी आयोजित हुई।

ये महोत्सव पर्यटकों को जैसलमेर की ऐतिहासिक धरोहरों से रूबरू कराएगी।











