
बच्चों का स्वास्थ्य जांच की कुपोषित व अतिकुपोषित की पहचान
पोकरण. सुपोषित जैसाण तथा पोषण अभियान के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों पर गुरुवार को मातृ, शिशु स्वास्थ्य और पोषण दिवस का आयोजन किया गया। इसमें बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर पोषण स्तर की जांच की गई। महिला एवं बाल विकास परियोजना की कार्यवाहक महिला एवं बाल विकास अधिकारी स्नेहलता शर्मा ने बताया कि नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम, जिले के नवाचार सुपोषित जैसाण तथा पोषण अभियान के अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों पर 0 से 59 माह के बच्चों की वृद्धि निगरानी नीति आयोग के संकेतक कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों के प्रतिशत की पहचान करने के लिए अहम है। इसी को लेकर गुरुवार को क्षेत्र के सभी ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर स्थित आंगनबाड़ी केन्द्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य व पोषण दिवस के शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बच्चों का वजन, ऊंचाई, एमयूएसी टेप से भुजा माप लिया जाकर पोषण स्तर की जांच की गई। उन्होंने बताया कि शिविर के दौरान एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा सहयोगिनी की ओर से बच्चों के स्वास्थ्य की जांच के साथ पोषण की जांच की गई। महिला एवं बाल विकास परियोजना की कार्यवाहक अधिकारी स्नेहलता शर्मा ने गुरुवार को क्षेत्र की कई आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण कर एमसीएचएन डे का जायजा लिया। उन्होंने यहां कार्मिकों की ओर से किए जा रहे बच्चों के स्वास्थ्य जांच व पोषण जांच के बारे में जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्रों पर उपस्थित महिलाओं से मिलकर आंगनबाड़ी केन्द्रों पर मिल रही सुविधाओं, सेवाओं, पोषाहार, नियमित गतिविधियों की जानकारी ली। साथ ही सरकार की ओर से संचालित योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए उनका लाभ अर्जित करने का आह्वान किया। इसी प्रकार चिकित्सा विभाग के ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर जितेन्द्र बिस्सा ने गुरुवार को लवां गांव में स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र पहुंचकर शिविर का जायजा लिया।
Published on:
09 Feb 2023 08:06 pm
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