
जयपुर/ दिल्ली.
राजस्थान, गुजरात समेत देश के ज्यादातर राज्यों में मोदी सरकार के गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के लागू होने का रास्ता साफ हो चुका है। सरकार ने जीएसटी के लिए चार स्तर 5, 12, 18 और 28 फीसदी के 'कर ढांचे' की घोषणा की है। यह बदलाव अभी आने वाला है...
आम इस्तेमाल की आधी चीजों पर महंगाई कम होगी
जीएसटी आधारित नए कर ढांचे के लागू होने के बाद बाजारों में अहम बदलाव का अंदेशा है। सोने पर सर्विस टैक्स रेट्स और जीएसटी पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। प्रारंभ में खाद्यान्न समेत आम इस्तेमाल की आधी चीजों पर जीरो टैक्स लगेगा।
जेब पर असर पड़ेगा क्या?
विशेषज्ञों की मानें तो जीरो टैक्स होने से आम आदमी की जेब पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसके अलावा रोजमर्रा की अन्य वस्तुओं पर जीएसटी दरें मौजूदा टैक्स स्लैब से कम रखी गई हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि जीएसटी से चाय, कॉफी, खाद्य तेल, मसाला, किसान जैम आदि थोड़ी सस्ते हो सकते हैं। इसके अलावा कम्प्यूटर्स और प्रोसेस्ड फूड्स अभी 9-15 वाले टैक्स स्लैब में है। इन पर जीएसटी की दर 12 फीसदी है। इन सामानों पर भी कुल मिलाकर आम आदमी को फायदा होगा। साबुन, तेल और शेविंग स्टिक्स भी सस्ता हो जाएगा। मोबाइल भी सस्ता मिलेगा।
महंगाई इन पर बनी रहेगी...
इसके अलावा फुटवेयर, बोतलबंद पानी, नहाने वाला साबुन, साइकिल आदि महंगी हो जाएंगी। हालांकि, भारतीय उद्योग जगत ने सुझाव दिया है कि सरकार को धीरे-धीरे जीएसटी की एक या दो दरों पर आना चाहिए। उद्योग मंडल सीआईआई के अध्यक्ष नौशाद फोब्र्स ने कहा कि ज्यादातर वस्तुएं एवं सेवाएं 18 प्रतिशत की मानक दर के दायरे में आती हैं।
सिर्फ कुछ अपवाद वाले उत्पादों पर ही 28 प्रतिशत की दर लगेगी। आवश्यक वस्तुओं मसलन अप्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों पर निचली दर लागू होगी।
Published on:
04 Nov 2016 02:20 pm
