
परकोटे में 100 से अधिक अवैध डेयरियां, पकड़ने के लिए दो वाहन...एक रहता खराब
-आवारा जानवरों से लोग परेशान, निगम नहीं दे रहा ध्यान
जयपुर. हैरिटेज निगम प्रशासन परकोटे और निगम सीमा क्षेत्र को डेयरी मुक्त नहीं कर पा रहा है। अकेले परकोटे में ही 100 से अधिक अवैध डेयरियों का संचालन हो रहा है। निगम के पास आवारा जानवरों को पकड़ने के लिए महज दो वाहन हैं। इनमें से एक आए दिन खराब रहता है। इसके बाद दूसरे वाहन पर कभी ड्राइवर नहीं होता और कभी डीजल की दिक्कत होती है। ऐसे में सख्ती से अभियान ही नहीं चल पा रहा है। अब स्थिति यह है कि परेशान लोग शिकायत करते हैं, लेकिन हर बार खराब गाड़ी का हवाला देकर निगम की टीम कार्रवाई कर ही नहीं पाती।इसके अलावा निगम प्रशासन ने जिस संवेदक को पशुओं को उठाने का काम दिया था, उसने भी अपना काम सही से नहीं किया। इसके बाद निगम ने तीन बार नोटिस ही जारी किए हैं। कार्रवाई से पहले संवेदक की समयावधि पूरी हो गई। जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष जुलाई और सितम्बर में तीन बार फर्म को नोटिस जारी किए गए। लेकिन कार्रवाई नहीं की गई।
ये है स्थिति
-400 रुपए आवारा पशु पकड़ने के दिए जाते हैं संवेदक को
-दो गाड़ियां हैरिटेज निगम ने अपने स्तर पर खरीद रखी है
-1390 रुपए तक ग्रेटर निगम में दिया जाता है संवेदक को
-04 गाड़ियों से आवारा जानवरों को उठवाया जा रहा है ग्रेटर निगम सीमा क्षेत्र से
परकोटे से लेकर पूरे शहर में बुरा हाल
परकोटा क्षेत्र सहित जगतपुरा, सांगानेर, मालपुरा गेट, मुहाना मंडी, महारानी फॉर्म, विद्याधर नगर, मालवीय नगर और दुर्गापुरा में आवारा जानवरों से लोग परेशान हैं।
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सुबह से शाम तक गाय सड़कों पर घूमती हैं। इसके बाद पशुपालक इन्हें ले जाते हैं और रात को फिर गाय सड़कों पर आ जाती हैं।
-कल्याण सहाय सैनी, सांगानेर निवासी
सुबह दूध निकालने के बाद पशुपालक अपनी गायों को छोड़ देते हैं। मंडी में लगभग 50 से 60 गाय दिनभर घूमती हैं। शिकायत पर कोई कार्रवाई भी नहीं होती।
-ईश्वर दास, मुहाना मंडी
आवारा जानवरों की वजह से कई बार हादसे भी हो चुके हैं। शिकायत पर गाड़ी आती है, लेकिन दो-तीन दिन बाद फिर स्थिति पहले जैसी ही हो जाती है।
-संजय शर्मा, दुर्गापुरा
Published on:
19 Feb 2023 12:56 pm
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