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दस वर्ष से फार्मासिस्ट भर्ती का इंतजार, 17 हजार अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर

कुछ फर्जी अभ्यर्थियों के कारण 2023 की भर्ती प्रक्रिया ठप - मूल दस्तावेज की जांच जल्द कराने की गुहार

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जयपुर

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Vikas Jain

Jan 12, 2024

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CM Bhajan Lal

राज्य में पिछले दस वर्ष के दौरान शुरू हुए नए सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्ट की भारी कमी है। इसके बावजूद फार्मासिस्ट भर्ती 2023 के योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्तियां नहीं दी जा रही हैं। जबकि राज्य के बेरोजगार फार्मासिस्ट दस वर्ष से नियमित भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। वर्ष 2011 और 2013 में हुई भर्तियों से अब तक 2600 फार्मासिस्ट ही नि:शुल्क दवा योजना में कार्यरत हैं। इधर, सरकारी अस्पतालों में आउटडोर व इनडोर में मरीजों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है।


पिछले पांच वर्ष के दौरान वर्ष 2018 और 2022 में भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन दोनों ही बार निरस्त कर दी गई। इसके बाद फार्मासिस्ट भर्ती 2023 शुरू हुई, लेकिन इसकी भी अब तक प्रोविजनल सूची जारी कर नियुक्तियां नहीं दी गई हैं। राजस्थान फार्मेसी काउंसिल में फर्जी डिग्री-डिप्लोमा के कुछ मामले बताकर पूरी भर्ती प्रक्रिया ठप कर दी गई। इस कारण 17 हजार अभ्यर्थी भविष्य को लेकर चिंतित हैं।


इस तरह चली प्रक्रिया

- राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान (सीफू) ने मई 2023 में फार्मासिस्ट के 3067 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की

- स्क्रीनिंग के बाद 4500 अभ्यर्थियों के दस्तावेज का सत्यापन अगस्त 2023 में किया गया
- इसके बाद आठ कैडर में से मात्र फार्मासिस्ट भर्ती की प्रोविजनल सूची जारी नहीं की गई

"एक सप्ताह में पूरी हो प्रक्रिया"


फार्मासिस्ट भर्ती संघर्ष समिति के सदस्य रामावतार खांडल ने कहा कि विभाग को एक सप्ताह की संक्षिप्त कार्ययोजना बनाकर राजस्थान और दूसरे राज्य से डिग्री-डिप्लोमा किए हुए अभ्यर्थियों के मूल दस्तावेज की जांच संबंधित कॉलेज और विश्वविद्यालय से पूरी करवानी चाहिए। वैध अभ्यर्थियों को क्लीन चिट देते हुए प्रोविजनल सूची जारी कर लोकसभा चुनाव की आचार संहिता से पहले नियुक्ति देनी चाहिए। इस बारे में समिति के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उप मुख्यमंत्री दियाकुमारी, डॉ. प्रेमचंद बैरवा और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर को भी अवगत कराया है।
दांव पर करियर