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एक्सक्लूसिवः18 लाख वाहन ‘थ्रू’ गुजरेंगे, बचेगा 52 करोड़ का ईंधन

शहर के प्रमुख ट्रैफिक लाइट पॉइंट पर वाहन समेत खड़े होकर लोगों का समय खराब न हो और प्रदूषण भी कम हो, इसके लिए जेडीए करीब 700 करोड़ रुपए खर्च कर रहा है

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अश्विनी भदौरिया/जयपुर। शहर के प्रमुख ट्रैफिक लाइट पॉइंट पर वाहन समेत खड़े होकर लोगों का समय खराब न हो और प्रदूषण भी कम हो, इसके लिए जेडीए करीब 700 करोड़ रुपए खर्च कर रहा है। छह चौराहों पर काम पूरा होने के बाद 18 लाख वाहन बिना रुके आवाजाही कर सकेंगे। आज के हिसाब से करीब 52 करोड़ रुपए का डीजल-पेट्रोल बचेगा।

पहले चरण में लक्ष्मी मंदिर तिराहे ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाने और जवाहर सर्कल पर सौंदर्यीकरण के कार्यों के लिए 48 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इनकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट पहले ही जेडीए तैयार करवा चुका है। बी-2 बाइपास, लक्ष्मीमंदिर तिराहा और ओटीएस क्रॉसिंग की जो रिपोर्ट तैयार करवाई गई है। गौर करें तो यहां से करीब आठ लाख वाहन गुजरते हैं। यहां अंडरपास, क्लोअर लीफ और एलिवेटेड रोड का निर्माण होने पर करीब 22 लाख लीटर पेट्रोल-डीजल बचने की संभावना है।

तीन चौराहों की जल्द आएगी फिजिबिलिटी रिपोर्ट
जेडीए अधिकारियों की मानें तो रामबाग सर्कल, चौमूं हाउस सर्कल और जेडीए सर्कल की भी फिजिबिलिटी रिपोर्ट जल्द बनकर तैयार हो जाएगी। एक अनुमान के मुताबिक यहां की सड़कों से करीब 10 लाख वाहन निकलते हैं। साथ ही 30 से 32 लाख लीटर बचने की संभावना रिपोर्ट में बताई गई है।

बजट घोषणा पर काम शुरू
राजधानी के प्रमुख चौराहों पर यातायात के दबाव को देखते हुए यहां की सड़कों को ट्रैफिक लाइट मुक्त करने की घोषणा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट में थी। उसी के आधार पर जेडीए ने काम शुरू किया है। लक्ष्मी मंदिर तिराहे से इस प्रोजेक्ट की शुरुआत होगी।
-गौरव गोयल, जेडीसी

1. बी-2 बाइपास :
-जवाहर सर्कल को मानसरोवर की ओर से जोडऩे वाला एक छह लेन का अंडरपास बनाया जाएगा। साथ ही मुख्य टोंक रोड पर दो क्लोअर लीफ का निर्माण किया जाएगा। इस चौराहे पर होने वाली दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।

खास-खास
-3.0 लाख वाहन प्रतिदिन यहां से गुजरते हैं

-9.5 लाख लीटर ईंधन की प्रति वर्ष बचत होगी।
-150 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

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2. लक्ष्मी मंदिर तिराहा :

टोंक रोड पर सहकार भवन रोड से आने वाले यातायात के लिए एपेक्स बैंक और नेहरू प्लेस के बीच सड़क पर एक अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। यहां से लोग टोंक रोड पर आएंगे। लक्ष्मी मंदिर तिराहा के उद्यान प्रांगण में स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमा बनाई जाएगी।

खास-खास
-2.0 लाख वाहन प्रतिदिन गुजरते हैं।

-6.50 लाख लीटर ईंधन की होगी सालाना बचत
-50 करोड़ रुपए खर्च होंगे इस प्रोजेक्ट में

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3. ओटीएस चौराहा :

जेएलएन रोड पर केबल स्टे एलिविटेड ब्रिज का डिजाइन बनाया गया है। इसमें जेएलएन रोड पर सिक्स लेन ट्रैफिक का खयाल रखा गया है गोपालपुरा की ओर से झालाना की ओर जाने वाले वाहनों को अंडरपास से निकाला जाएगा।

खास-खास
-2.5 से 3.0 लाख वाहन गुजरते हैं प्रतिदिन इस चौराहे से

-07 लाख लीटर ईंधन की बचत होगी इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद
-100 करोड़ रुपए खर्च होंगे इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में

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इसलिए जरूरी

-शहर में यातायात का दबाव बढ़ता जा रहा है। ट्रैफिक लाइट फ्री जंक्शन होने से आवाजाही सुगम होगी।
-इससे जाम की समस्या दूर होगी और समय की भी बचत होगी।

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सौंदर्यीकरण के भी होंगे काम

-खाली जगह का उपयोग किया जाएगा। वाई-फाई जोन से लेकर कैफे हट, वरिष्ठ नागरिकों के लिए सहायता सेवाएं।
-पैदल यात्रियों के लिए अलग से पाथ बनाए जाएगा। साथ ही मूर्तियां और राजस्थान की पारम्परिक कला और संस्कृति के भी दर्शन होंगे।