
Tina Dabi's sister Ria Dabi ranks 15th in UPSC
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
जयपुर। UPSC Civil Services Final Result 2021: Union Public Service Commission की आईएएस मुख्य परीक्षा में प्रदेश के कई होनहारों ने बाजी मारी है। चूरू के गौरव बुडानिया ने प्रदेश गौरव बढ़ाया है। उन्होंने 13 वीं रैंक हासिल की है।
राज्य आईएएस कैडर की अधिकारी और 2015 बैच की टॉपर Tina Dabi की बहन Ria Dabi ने 15 वीं रैंक हासिल की है। वहीं, अजमेर के वैभव ने 25 वां स्थान किया है। इसीप्रकार जयपुुर के मालवीय नगर निवासी दिव्यांशु चौधरी ने 30 वीं रैंक हासिल की हैै। जयपुर मानसरोवर निवासी प्रणव की 65 वीं रैंक आई है।
नाम : गौरव बुडानिया
रैंक : 13 वीं
गौरव बुडानिया ने आइएएस की परीक्षा में बाजी मारते हुए देश भर में 13 वीं रेेक हासिल की है व ओबीसी में दूसरी। मूलत: झुंझुनूं जिले के अलसीसर तहसील के गांव कबीरसर के रहने वाले गौरव का बचपन चूरू में ही बीता है। 2018 में आरएएस की परीक्षा में उनकी 12 वीं रेंक आई थी।
नाम : रीया डाबी
रैंक : 15 वीं
रीया डाबी ने बताया मां का शुरू सेे ही सपना था दोनों बहन आईएएस बनें। बहन टीना डाबी का चयन होने के बाद मुझे उनसे प्रेरणा मिली। बहन ने मुझे परीक्षा तैयारी की कई बारिकियां समझाई। उनसे मुझे मार्गदर्शन मिला। घर में परिवारजनों ने काफी सहयोग किया।
पहली बार दो बहनें एक साथ
अगर रीया डाबी को राजस्थान कैडर आवंटित होता है तो यह प्रदेश का संभवत: पहला मामला होगा। जबकि दो बहनें एक साथ राज्य की आइएएस नौकरशाही में सेवा देंगी। रिया के अनुसार उन्होंने राजस्थान कैडर ही चुना था। उनकी रैंक भी 15वीं है। ऐसे में प्रबल संभावना है कि उन्हें राजस्थान कैडर ही आवंटित हो जाए। िलहाल सांवरमल वर्मा और कनिष्क कटारिया प्रदेश की नौकरशाही में पहले ऐसे उदाहरण है, जिसमें पिता और पुत्र दोनों आइएएस के तौर पर राज्य में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
नाम : वैभव रावत
रैंक : 25 वीं
वैभव रावत ने बताया कि आईआईटी बनारस से कंप्यूटर इंजीनियरिंग में बी.टेक करने के बाद ही वे आईएएस की तैयारी में जुट गए। प्रथम अवसर में सफल नहीं हुए। लेकिन उन्होंने निराश और हार मानने के बजाय योजनाबद्ध ढंग से तैयारी की। इसके बूते कामयाबी हासिल हुई।
नाम : दिव्यांशु चौधरी
रैंक : 30 वीं
दिव्यांशु ने बिट्स पिलानी से बी.टेक तथा आईआईएम कोलकाता से एमबीए किया है। उन्होंने बताया कि आइएएस बनने का सपना था। प्रथम प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंच गया था, लेकिन अब दूसरे प्रयास में 30वीं रैंक हासिल कर आइएएस में चयन पक्का कर लिया। पिता डॉ. प्रभुदयाल चौधरी राजकीय पीजी कॉलेज दौसा के प्राचार्य हैं तथा माता डॉ. संतोष गढ़वाल राजकीय महिला महाविद्यालय दौसा की प्राचार्य हैं।
नाम : प्रणव विजयवर्गीय
रैंक : 65
प्रणव ने बताया कि मेंन्स पहले प्रयास में क्लियर की है। बोम्बो आईआईटी से बीटेक करने के बाद हरियाणा में जॉब की। लेकिन छोड़ दी। पिछले डेढ़ साल से तैयारी कर रहा था। अभी सफलता मिली है।
Updated on:
25 Sept 2021 09:47 am
Published on:
25 Sept 2021 09:11 am
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