
ट्रांसजेडर्स को मिलेगी सरकारी पहचान, कल्याण की योजनाओं का मिलेगा लाभ
जयपुर
Rajasthan Transgender Welfare Board : राजस्थान में ट्रांसजेंडर्स समुदाय को अलग से अपनी खास पहचान मिल सकेगी। ट्रांसजेंडर समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार ने बड़ी पहल की है। राज्य सरकार अब प्रदेश में रह रहे ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए अलग से पहचान पत्र बनाएगी, ताकि इस समुदाय के लोगों को सरकारी नौकरी मिलने में आसानी हो सके। राज्य सरकार इनके लिए सरकारी आईडी कार्ड बनाने की तैयारी कर रही है। ये आईडी कार्ड जिला कलक्टर स्तर पर बनाए जाएंगे। इसके लिए सभी जिला कलेक्टर को निर्देश दिए जाएंगे। हालांकि कुछ जिलों में इस दिशा में कवायद शुरू हो गई है। दरअसल, शासन सचिवालय में ट्रांसजेंडर समुदाय की समस्याओं का निराकरण करने, नीति निर्धारित करने और नई योजनाओं के निर्माण और संचालन करने के लिए राजकीय विभागों को समुचित परामर्श देने के लिए राजस्थान ट्रांसजेण्डर कल्याण बोर्ड ( Rajasthan Transgender Welfare Board ) का गठन किया गया।
इस बोर्ड की मौजूदा कांग्रेस सरकार में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल की अध्यक्षता में यह पहली बैठक हुई। बैठक में ट्रांसजेंडर समुदाय की समस्याओं पर मंथन किया। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री मास्टर भंवर लाल मेघवाल ने बताया कि अलग पहचान पत्र बनने पर सरकार के लिए ट्रांसजेंडर समुदाय को सरकारी नौकरी देने के लिए नियम बनाने में आसानी होगी। सरकार सरकारी नौकरियों में ट्रांसजेंडर समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए नियम बनाएगी। ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए अलग से पहचान पत्र बनाने के लिए प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर्स को लिखित में आदेश जारी किए जाएंगे। जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति राज्य में रह रहे ट्रांसजेंडर समुदाय की जनगणना करेगी।
राज्य में 16 हजार 517 ट्रांसजेंडर
मंत्री भंवरलाल मेघवाल ने कहा कि प्रदेश में वैसे तो ट्रांसजेंडर समुदाय की संख्या एक लाख से अधिक है लेकिन जनगणना के आधार पर राज्य में 16 हजार 517 ट्रांसजेंडर है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल ने सचिवालय में राजस्थान ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड के साथ अहम बैठक की। बैठक के बाद किन्नर अखाड़ा की प्रदेश अध्यक्ष पुष्पा माई ने कहा कि मंत्री के साथ हुई बैठक बेहद सकारात्मक रही है। हमारी मांगों पर मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल ने गंभीरता दिखाई है और हमें उम्मीद है कि राज्य सरकार ट्रांसजेंडर समुदाय को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए पहल करेगी।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रमुख शासन सचिव, वित्त, विधि एवं न्याय विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, कॉलेज शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास मिशन, युवा मामले एवं खेल विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के साथ अन्य कई विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
आईडी से होगा ये फायदा
बोर्ड की सदस्य ट्रांसजेंडर पुष्पा माईं का कहना है कि आईडी बनेगी तो पूरी कम्युनिटी के लोग सूचीबद्ध हो सकेंगे। यानि आसानी से इस बात का पता लगाया जा सकेगा कि कितने लोग एलजीबीटी कम्युनिटी से है। इस डेटा के आधार पर जरूरी योजनाएं बनाई जा सकेंगी। इससे सही तरीके से सरकारी योजनाओं को फायदा मिल सकेगा। आईडी बनेगी तो पेंशन योजना का लाभ मिल सकेगा।
Updated on:
06 Feb 2020 05:34 pm
Published on:
06 Feb 2020 05:31 pm
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