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पैरों से लिखी सफलता की इबारत, अब कृत्रिम हाथों से जीवन में लौटी नई खुशियां

मुख्यमंत्री गहलोत से गुहार के बाद युवक को लगे कृत्रिम हाथ

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artificial hands

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जयपुर। सात वर्ष की उम्र में बिजली के करंट से अपने दोनों हाथ खोने वाले युवक को मुख्यमंत्री से मदद की गुहार के बाद उसके जीवन में खुशियां लौटी हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सीकर जिले के श्यामपुरा खाचरियावास गांव के निवासी 24 साल के भरत सिंह शेखावत को कृत्रिम हाथ लगाए गए हैं।

भरत ने करीब 7 वर्ष की उम्र में बिजली के करंट के कारण अपने दोनों हाथ खो दिए थे। इस हादसे से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और भरत के माता-पिता को उसके भविष्य की चिंता सताने लगी। तमाम विपत्तियों के बावजूद भरत की माता ने उसे पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया। उसने हिम्मत नहीं हारी और न केवल बीएससी तक की शिक्षा हासिल की, बल्कि प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल कर राजस्थान सरकार में कृषि पर्यवेक्षक के पद पर नियुक्ति प्राप्त की।


बीते दिनों भरत ने जब अपनी पीड़ा से मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराया, तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तुरंत भरत के दोनों कृत्रिम हाथ लगाए जाने के निर्देश किए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर को भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के माध्यम से उसके कृत्रिम हाथ निःशुल्क लगवाए।

मुख्यमंत्री की इस संवेदनशीलता और सदाशयता से भरत को बड़ा संबल मिला है। इससे वह न केवल अपने दैनिक कार्यों को आसानी से कर सकेगा, बल्कि राजकीय जिम्मेदारियों का निर्वहन भी सुगमता से कर पाएगा।

भरत ने कहा कि जीवन के साथ संघर्ष करते हुए उसने अपने पैरों से सफलता की इबारत तो लिख दी, लेकिन कृत्रिम हाथों से अब उसके जीवन में नई खुशियां लौट आई हैं। उसे उम्मीद नहीं थी कि उसकी पीड़ा का कभी अंत होगा, लेकिन मुख्यमंत्री गहलोत ने उसके जीवन को आशा की एक नई किरण दी है।