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दिवाली पर बाजार में आया नकली मावा, मिठाई, मिर्च मसाले व अन्य, सतर्क रहे, अन्यथा— हो सकते है कैंसर व किडनी फेलियर जैसी बीमारी के शिकार

दिवाली से पहले बाजार में मिलावटी मावा, मिठाई और मिर्च मसालों की बिक्री शुरू हो गई है।

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दिवाली पर बाजार में आया नकली मावा, मिठाई और मिर्च मसाले, सतर्क रहे, अन्यथा— हो सकते है कैंसर व किडनी फेलियर जैसी बीमारी के शिकार

दिवाली पर बाजार में आया नकली मावा, मिठाई और मिर्च मसाले, सतर्क रहे, अन्यथा— हो सकते है कैंसर व किडनी फेलियर जैसी बीमारी के शिकार

जयपुर। दीपावली के पर्व से पहले बाजार में खाने वाले सामान की मांग बढ़ गई है। ऐसे में खाद्य सामग्री में जमकर मिलावट हो रही है। भले ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिलावटखोरों के खिलाफ शुद्ध के लिए युद्ध अभियान शुरू किया गया है। लेकिन यह अभियान महज खानापूर्ति साबित हो रहा है। क्योंकि बाजार में दूध, मावा, मिठाई से लेकर मिर्च मसाले तक हर खाने वाले सामान में जमकर मिलावट हो रही है। बाजार में सस्ते के चक्कर में यह सामान जमकर बिकता है। जिसके चलते आमजन की सेहत के साथ खिलवाड़ होता है।

सबसे ज्यादा नकली मावा बाजार में..

दीवाली को देखते हुए बाजार में मिठाईयों की मांग तेजी से बढ़ रहीं है। ऐसे में नकली मावा बाजार में सबसे ज्यादा खप रहा है। नकली मावा बनाने के लिए घटिया क्वालिटी के मिल्क पाउडर का यूज किया जाता है। इसमें चूना, चॉक और सफेद केमिक्लस का यूज किया जाता है। नकली मावा बनाते समय दूध में यरिया, डिटर्जेंट पाउडर और घटिया क्वालिटी का वनस्पति घी मिलाया जाता है। सिंथेटिक दूध बनाने के लिए एक लीटर दूध में वॉशिंग पाउडर, रिफाइंड तेल, पानी मिलाकर 20 लीटर दूध तैयार किया जाता है। कुछ लोग मावे में सिंघाड़े का आटा, मैदा या आलू भी मिलाते हैं। नकली मावा पॉम आयल मिलाकर भी बनाया जाता है।

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नकली मिर्च मसाले भी जमकर बिक रहे..

बाजार में मिलने वाली खुली मिर्च में खूब मिलावट होती है। कई बार मिर्च में लाल रंग, लाल ईंट या कबेलू का बारीक पीस कर भी मिला दिया जाता है। मार्केट में मिलने वाली लाल मिर्च में कलर काफी मिला रहता है। बाजार में मिलने वाले हल्दी पाउडर में भी अक्सर मिलावट पाई जाती है। हल्दी में रसायन की मिलावट की जाती है, जिससे कैंसर जैसी बीमारी का खतरा रहता है। इसके साथ ही आटे की चापड़ को पीसकर उसमें कलर मिलाकर नकली धनिया व अन्य नकली मसाले बाजार में बेचे जा रहे है।

कैंसर व किडनी फेलियर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा..

एसएमएस अस्पताल के चिकित्सक डॉ बलराम शर्मा ने बताया कि मिलावटी मसालों के सेवन से कैंसर, दिमागी बुखार, हृदयरोग, उच्च रक्तचाप, त्वचा संबंधी रोग होने का खतरे के साथ पथरी, लीवर और किडनी जैसी जानलेवा बीमारी हो सकती है। इसलिए खान पान में शुद्धता का विशेष ख्याल रखना चाहिए।

मिलावटखोरों को नहीं बख्सा जाएगा..

एडीएम चतुर्थ शंकर लाल सैनी ने कहा कि मिलावटखोरों को बख्सा नहीं जाएगा। शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के दौरान सख्ती से मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। बाजार में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम की ओर से सैैंपल लिए जा रहे है। साथ ही मौके पर मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।