
जयपुर। साल का आखिरी सूर्य ग्रहण ( Surya Grahan December 2019 ) 26 दिसंबर यानि कल होगा। ग्रहण सुबह करीब 8:14 बजे पर शुरू होगा और 10:56 बजे तक रहेगा। ग्रहण का मध्य सुबह 9:27 बजे होगा। पर्वकाल करीब 2.38 घंटे का होगा। ग्रहण काल के दौरान मंदिरों के पट बंद रहेंगे और भगवान की पूजा अर्चना पर ब्रेक लग जाएगा। ग्रहण से पहले लगने वाला सूतक आज रात आठ बजे से लग जाएगा जो ग्रहण खत्म होने के कुछ देर बाद तक रहेगा। ग्रहण के दौरान हर राशि के जातक पर अलग प्रभाव रहेगा कुछ के लिए ग्रहण शुभ रहेगा और कुछ के लिए ग्रहण में बाधा सामने आ सकती है।
इन राशियों पर शुभ और इन पर बुरा प्रभाव दे सकता है ग्रहण
यह सूर्य ग्रहण उन राशि के लोगों के लिए कल्याणकारी रहेगा जो वृषभ , कन्या , तुला , कुम्भ राशि में जन्म लिए है और मेष, मिथुन, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मकर और मीन राशि के लोगों के लिए सामान्य या सतर्क रहने की आवश्कता होगी। हालांकि केतु के नक्षत्र मूल में सूर्यग्रहण होने के कारण ज्यादा लाभकारी नहीं होगा। धनु राशि में सूर्य ग्रहण से ग्रसित होंगे और साथ ही साथ धनु राशि में षष्ठ ग्रही योग बन रहा है जोकि अपने आप में दुर्लभ है। धनु राशि में सूर्य के साथ चन्द्रमा ,बुध, गुरु, केतु और शनि ग्रसित होंगे। विशेष बात यह है कि राशि स्वामी बृहस्पति और नक्षत्र स्वामी केतु स्वयं सूर्य के साथ ग्रसित हो रहे है।
मूल में जन्म जातकों को करना चाहिए उपाय
इस ग्रहण का कुछ अद्भुत लाभ भी मिलेगा जैसे उन जातको को करना होगा उपाय जो मूल में जन्म लिए हो या अमावस्या को जन्म लिए हो जिनका बृहस्पति केतु के साथ योग बना कर किसी भी भाव में बैठा हो या जिनकी कुंडली में शनि केतु या शनि सूर्य का योग हो, क्योंकि यह समस्त योग अच्छे नहीं माने गए है इसके लिए ग्रहण के समय में आदित्य हृदयस्त्रोत का पाठ, गुरु मंत्र का जाप, गायत्री मंत्र का जाप और ग्रहण समाप्त होने के बाद गेंहू, घी, लालमिर्च, गुड़ तांबे का पात्र, कुशा का आसन रुद्राक्ष माला दान देने से अत्यंत शुभ फल की प्राप्ति होती है।
ग्रहण के असर का सबसे उत्तम उपाय है दान
ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार चतुर्वेदी ने बताया कि ग्रहण के असर को कम करने और उसके विपरित असर को बदलने का समबे अच्छा और सटीक उपाय है दान। ग्रहण काल खत्म होने के बाद हर जातक को दान जरुर करना चाहिए। संतो,बड़ों और गुरु का आशीर्वाद लेना अनिवार्य होता है। ग्रहणकाल में वृद्ध, रोगी, नवजात शिशु, जल दवा भोजन न लेने के लिए बाध्य नहीं होता है वह सेवन कर सकते है। ग्रहण काल में निंदा से बचना चाहिए। ग्रहण काल में किसी भी प्रकार का लेनदेन, यात्रा, शुभ कार्य न करें। देव पूजन न करें। ग्रहण समय में सोने से बचे। ग्रहण काल में देव स्तुति, मंत्र जप करना चाहिए।
Published on:
25 Dec 2019 11:13 am
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