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70 भूमिहीन किसानों के पक्के मकान तोडने पर रोक

— हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव व झुंझुनूं कलक्टर से जवाब मांगा

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जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने झुंझुनूं की सूरजगढ़ तहसील में सरकारी भूमि पर 60 साल से बसे 70 भूमिहीन किसान परिवारों के पक्के मकानों को अदालत की मंजूरी बिना तोडने पर रोक लगा दी है। साथ ही, इस मामले में मुख्य सचिव व स्थानीय कलेक्टर सहित अन्य से जवाब मांगा है।
मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत माहान्ती ने शीशराम व अन्य की याचिका पर यह आदेश दिया। अधिवक्ता मोहित बलवदा ने कोर्ट को बताया कि प्रार्थी परिवार करीब छह दशक से इस भूमि पर पक्के मकान बनाकर रह रहे हैं। उनके घरों में बिजली कनेक्शन भी है। तहसीलदार ने सर्वे रिपोर्ट में यह भी माना है कि प्रार्थियों के पास रहने की कोई दूसरी जगह नहीं है। इसके बावजूद उनको सात दिन में निर्माण हटाकर जगह खाली करने को कहा जा रहा है। इससे उनके पास रहने के लिए कोई स्थान नहीं रहेगा और सभी परिवार बेघरबार हो जाएंगे। इसलिए राज्य सरकार का नोटिस रद्द किया जाए।