
जयपुर।
सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली ने सोमवार को मौजूदा शैक्षणिक सत्र के लिए उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के नए पोर्टल का शुभारंभ किया। विभाग के सचिव डॉ समित शर्मा ने बताया कि छात्रवृत्ति आवेदन पत्रों के त्वरित निर्धारण के लिए पोर्टल में विशेष ऑप्शन जोडे़ गए हैं। अगर आवेदन में कोई कमी रह गई है तो उसकी पूर्ति के लिए विद्यार्थी व शिक्षण संस्थान को प्रत्येक सात दिन में" रिमांडर" भेजा जाएगा और फिर की कमियों की पूर्ति नहीं करने पर 30 दिन में आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा।
आवेदनों को मानवीय प्रक्रिया से जांचने की समय सीमा 10 दिन और कलक्टर के स्तर पर 10 दिन तय कर दी गई है। डॉ शर्मा ने बताया कि पोर्टल पर पाठ्यक्रमानुसार पुनर्भरण योग्य राशि की स्वत: गणना कर फीस रिफंड का भी ऑप्शन है। राजकीय संस्थानों के छात्रवृत्ति आवेदनों के जिला कार्यालय स्तर पर ही स्वत: सत्यापन और निजी संस्थानों के नवीनीकरण संबंधी आवेदनों के स्वत: सत्यापन की व्यवस्था की गई है। अगले शैक्षणिक सत्र में उपस्थति या पदोन्नति के आधार पर छात्र का छात्रवृत्ति नीवीनीकरण हेतु स्वत: आवेदन होगा।
सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस पोर्टल से निजी संस्थानों में छात्रवृत्ति उठाने में हो रहे फर्जीवाडे़ को भी आसानी से रोका जा सकेगा। इसके लिए भी पोर्टल में खास फीचर जोडे गए हैं। विभाग के एक अधिकारी के अनुसार इसी सत्र से इस पोर्टल को लागू कर दिया गया है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा है कि छात्रवृत्ति की तरह विभाग की सभी योजनाओं को तकनीक से जोड़ा जाए जिससे इन योजनाओ में भ्रष्टाचार को रोका जा सके।
Published on:
12 Jul 2022 09:47 am
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