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Shri Ram Worship Suryadev : जिस स्तोत्र ने श्रीराम को दिलाई जीत उसके पाठ से आपकी भी बढ़ेगी प्रतिष्ठा, होगी​ विजय

श्रीराम ने रावण से युद्ध शुरू होने के पहले इसी स्तोत्र का पाठ कर सूर्यदेव से विजय प्राप्ति का आशीर्वाद मांगा था।

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Shri Ram Mandir , Shri Ram Worship Aditya Hradaya Stotra

Shri Ram Mandir , Shri Ram Worship Aditya Hradaya Stotra

जयपुर- नवग्रहों में सूर्यदेव को राजा माना जाता है। ज्योतिष में सूर्यदेव सरकारी नौकरी और उच्चपदों के कारक हैं। जो लोग धन के साथ ही यश—मान—सम्मान भी चाहते हैं, उनके लिए सूर्य देव की कृपा बहुत जरूरी होती है। सूर्य देव राजकीय सम्मान के कारक भी हैं. कुंडली में सूर्य की स्थिति का सभी पर सीधा असर होता है। ज्यादातर वरिष्ठ राजनेताओं की कुंडली में सूर्य उच्च का पाया जाता है।

ज्योतिषाचार्य पंडित दीपक दीक्षित बताते हैं कि जिन लोगों की कुंडली में सूर्यदेव की स्थिति अच्छी नहीं है, सूर्य नीच के हैं, अशुभ भाव में बैठे हैं या शत्रु राशि में हैं तो उन्हें जीवन में कई अशुभ परिणाम भुगतने पडते हैं। ऐसे लोगों को अक्सर धन हानि होती है, बीमारियां होती रहती हैं, नौकरी और बिजनेस में नुकसान होता है। सूर्यदेव के बुरे प्रभाव को दूर कर उनसे शुभ फल प्राप्त करने के लिए कुछ आसान उपाय किए जा सकते हैं। सुबह स्नान के बाद सूर्य को जल अर्पित करने और पूजा करने से सूर्यदेव प्रसन्न होते हैं।

ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई के अनुसार सूर्यदेव की प्रसन्नता के लिए आदित्य ह्रदय स्तोत्र का पाठ सर्वोत्तम उपाय है। श्रीराम ने रावण से युद्ध शुरू होने के पहले इसी स्तोत्र का पाठ कर सूर्यदेव से विजय प्राप्ति का आशीर्वाद मांगा था। विश्वासपूर्वक सूर्यपूजा और आदित्य ह्रदय स्तोत्र का पाठ करने से जीवन संघर्ष में जीत मिलती है, प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है। संभव हो तो रविवार को सुबह आदित्य ह्रदय स्तोत्र का तीन बार पाठ करें। हर बार पाठ पूर्ण होने पर सूर्यदेव को अर्घ्य दें। विधिपूर्वक भगवान सूर्य का पूजन करने से श्रेष्ठ फल प्राप्त होते हैं, यह तय है।

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