
एसबीआइ को देनी होगी 75 करोड़ की स्टांप ड्यूटी
जगमोहन शर्मा/ जयपुर. न्यायालय कलक्टर (मुद्रांक वृत्त जयपुर प्रथम) ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआइ) में एसबीबीजे (स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर) के विलय के दौरान देय 74.81 करोड रुपए की स्टांप ड्यूटी एसबीआइ से वसूल करने के आदेश दिए हैं।
यह मामला राज्य राजस्व आसूचना निदेशालय (स्टेट डीआरआइ) ने उजागर किया था। डीआरआइ को एसबीबीजे के विलय होने पर राजस्थान स्टांप अधिनियम, 1998 के तहत नियमानुसार राजस्थान में देय स्टांप ड्यूटी नहीं चुकाए जाने की सूचना मिली थी। अधिनियम में 5 प्रतिशत के हिसाब से राजस्थान स्थित अचल संपत्तियों के बाजार मूल्य पर स्टांप शुल्क देय है। ऐसे में एसबीबीजे की राजस्थान स्थित सभी अचल संपत्तियों के मूल्य की गणना कर उस पर नियमानुसार स्टांप शुल्क, ब्याज, पेनल्टी इत्यादि वसूली योग्य मानी गई।
प्रकरण को जांच के लिए विभागीय नोडल अधिकारी, पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग को भिजवाया गया। विभागीय नोडल अधिकारी ने प्रकरण संबंधित न्यायालय कलक्टर (मुद्रांक) को जांच और वसूली के लिए भिजवा दिया। न्यायालय ने हस्तांतरित संपत्तियों की बाजार मूल्य राशि पर कन्वेस की दर 5 प्रतिशत से मुद्रांक कर, ब्याज और जुर्माना सहित देय माना।
ये कीमत थी संपत्ति की
संपत्ति कहां ------------------------ कीमत
चौड़ा रास्ता ------------------------255 करोड़
विद्याधर नगर-------------------- 85 करोड़
तिलक मार्ग------------------------ 83 करोड़
ज्योति नगर -----------------------24 करोड़
चित्तौडगढ़़ -------------------------51 करोड़
(अन्य संपत्तियों को मिला कुल 809.62 करोड़ का मूल्यांकन)
Published on:
04 Jun 2019 04:12 pm
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