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जयपुर: रामगंज में एक साथ तीन बच्चों की गुमशुदगी ने पुलिस के उड़ाए होश, अब अफवाहों का बाजार गर्म, पुलिस बोली…

सोशल मीडिया पर भी कुछ किशोरों के फोटो वायरल हो रहे हैं। इन फोटोज के साथ लिखा है कि 'ये बच्चे लापता है, कहीं भी दिखें तो फोरन दिए गए मोबाइल नम्बरों पर संपर्क करें।' इस पूरे मामले की पड़ताल करने पत्रिका टीम रामगंज थाने पहुंची और पूरे मामले का खुलासा किया।

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जयपुर

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Abdul Bari

Oct 17, 2022

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जयपुर. इनदिनों शहर के परकोटे और खासकर रामगंज इलाके में बच्चे चोरी होने की चर्चा काफी आम है, जिससे महिलाओं और बच्चों में दहशत का माहौल है। लोग एक-दूसरे को बच्चों का ध्यान रखने की हिदायत देते भी नजर आ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर भी कुछ किशोरों के फोटो वायरल हो रहे हैं। इन फोटोज के साथ लिखा है कि 'ये बच्चे लापता है, कहीं भी दिखें तो फोरन दिए गए मोबाइल नम्बरों पर संपर्क करें।' इस पूरे मामले की पड़ताल करने पत्रिका टीम रामगंज थाने पहुंची और पूरे मामले का खुलासा किया।

रामगंज थानाधिकारी भूरी सिंह को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे किशोरों के फोटो दिखाए, तो उन्होंने गुरूवार रात का दिलचस्प घटनाक्रम सुनाया। उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह गुरूवार रात को रामगंज थाना इलाके में एक के बाद एक तीन बच्चों के गुमशुदा होने का मामले सामने आए। अचानक हुए इस घटनाक्रम से कुछ देर के लिए पुलिस भी सकते में आ गई। सभी मामलों को गंभीरता से लिया गया। स्थानीय लोगों को आशंका थी कि इन किशोरों का किसी बच्चा चोर गिरोह ने अपहरण किया है।

एक के बाद एक तीन मामले आए तो पुलिस के भी उड़े होश

कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील रामगंज थाना इलाके में अचानक एक के बाद तीन गुमशुदगी के मामले सामने आने से पुलिस के भी होश उड़ गए। हालांकि रामगंज थानाधिकारी ने बताया कि जितनी तेजी से ये तीनों मामले सामने आए उतनी ही तेजी से इनका खुलासा भी हुआ। उन्होंने बताया कि तीनों मामलों में अपहरण जैसा कुछ भी नहीं निकला।


कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर फोटोज हुए वायरल, लोग थाने के बाहर हुए जमा

लगभग एक साथ हुए ये तीनों मामले कुछ ही घंटों में व्हाट्सअप ग्रुपों पर काफी वायरल हो गए। कुछ लोगों ने इन घटनाओं को बच्चा चोर गिरोह और अपहरण से जोड़कर वायरल किया। जिसके बाद गुरूवार देर रात को स्थानीय लोगों ने थाने के बाहर जमा होना शुरू कर दिया। हालांकि पुलिस ने लोगों को समझाइश करते हुए बताया कि तीनों किशोरों का का सुराग लग गया है और अपहरण जैसा कोई मामला नहीं है। पुलिस ने विश्वास दिलाया कि जल्द ही तीनों किशोरों को तलाश कर लिया जाएगा। पुलिस ने बताया कि गुरूवार रात को ही पहला किशोर मिल गया। दो अन्य का भी पुख्ता सुराग मिल गया।

रामगंज थाना एसएचओ भूरी सिंह ने बताया कि इस तरह, एक के बाद एक तीन चौंकाने वाले मामले सामने आए...

केस 1. चार दरवाजा इलाके का रहने वाला एक किशोर शाम को अपने ट्यूशन सेंटर से घर के लिए निकला और देर रात तक घर नहीं पहुंचा। इसके बाद किशोर की गुमशुदगी की सूचना रामगंज थाने में दी गई। पुलिस ने बताया कि ये किशोर कोई फरमाइश पूरी न होने पर घरवालों से नाराज होकर निकल गया था। दिल्ली से सकुशल इसे दस्तयाब किया गया।

केस 2. घाटगेट इलाके में रहने वाला 13 साल का किशोर अपने मामा के यहां हिमाचल प्रदेश जाने की जिद कर रहा था। जिद पूरी न होने पर वह नाराज होकर घर से निकल गया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से स्थानीय लोगों ने इसे अपहरण का मामला समझा। देर रात को रामगंज पुलिस को सूचना मिली। हालांकि गुरूवार-शुक्रवार की मध्यरात्रि में ही किशोर के झुंझुनु में होने की सूचना मिली। जिसके बाद उसे सीआरपीएफ की मदद से सकुशल दस्तयाब किया गया।

केस 3. रामगंज थाना पुलिस अभी इन दोनों मामलों में ही उलझी थी कि इसी बीच थाना इलाके के ही तीसरे किशोर की गुमशुदगी की सूचना आई। हालांकि कुछ घंटों बाद ही इस मामले का खुलासा भी हो गया। पुलिस ने बताया कि शाम को ये किशोर बिना बताए एक शादी समारोह में चला गया था। देर रात तक नहीं लौटा तो घर वालों ने अनहोनी की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी। हालांकि कुछ समय बाद ही किशोर घर लौट आया।


'बच्चें पर निगरानी रखें, लेकिन दहशत का माहौल न बनाएं'

तीनों बच्चे एक ही दिन गुमशुदा हुए और जल्द ही सकुशल मिल भी गए। ऐसे में कोई भी व्यक्ति इनके फोटोज वायरल न करे। अपने बच्चों की निगरानी करें, लेकिन अपहरण की अफवाह उड़ाकर दहशत का माहौल न बनाएं। हालांकि इसी विषय से संबंधित बताना चाहूंगा कि हमारे थाना इलाके का एक मानसिक दिव्यांग किशोर जिसका नाम 'अब्दुल्ला' है, वह पिछले कई महीनों से गुमशुदा है। मेरी अपील है कि किसी भी व्यक्ति को इसकी कोई भी जानकारी हो तो हमें 0141 2661676 पर सूचित करें।

भूरी सिंह
एसएचओ, रामगंज थाना

'किशोरों को प्रेम से समझाएं, साथ नहीं छोड़ें'

21-22 साल की उम्र में आने के बाद व्यक्ति परिपक्व होना शुरू होता है। जबकि किशोरावस्था जीवन का ऐसा पड़ाव होता है, जिसमें व्यक्ति बिना सोचे-समझे कोई भी बड़ा फैसला ले लेता है। इसी क्रम में किशोर नाराज होकर घर छोड़कर चले जाते हैं। ऐसे मामलों में माता-पिता को भी संवेदनशील होने की जरूरत है। भले ही अभिभावक बच्चे की बात से सहमत न हों, लेकिन जिद करने पर उसे अकेला न छोड़ें। उसे प्रेम से समझाएं, जिद न मानने की वजह बताएं। इससे इस तरह की समस्या का काफी हद तक समाधान होगा।

डॉ. गौरव राजेन्द्र
सह आचार्य, मनोचिकित्सा विभाग, एसएमएस अस्पताल


रामगंज निवासाी इस गुमशुदा की है तलाश

नाम: अब्दुल्ला, उम्र 16 वर्ष। चाचा हाफिज शकील कुरैशी ने बताया कि मानसिक दिव्यांग ये किशोर पिछले तीन महीने से लापता है। घर वालों का भी बुरा हाल है। जिस किसी को इसके बारे में कोई भी जानकारी हो तो वह 9828913691 पर हमसे संपर्क करे।

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