
जयपुर। राजस्थान में पेपर लीक मामले को लेकर शुक्रवार को राज्यपाल कलराज मिश्र ने बड़ा फैसला लिया है। राज्यपाल ने राजस्थान लोक सेवा आयोग के सदस्य बाबूलाल कटारा को निलंबित कर दिया है। राजभवन की ओर से जारी सूचना के अनुसार राज्यपाल ने राजस्थान लोक सेवा आयोग के सदस्य बाबूलाल कटारा को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 317 के उपबंध (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कदाचार के आधार पर राष्ट्रपति द्वारा उच्चतम न्यायालय को निर्देश किए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
बता दें कि राजस्थान पत्रिका ने खबर प्रकाशित कर खुलासा किया था कि बाबूलाल कटारा जेल में है। इसके बावजूद वह आरपीएससी (राजस्थान लोक सेवा आयोग) के सदस्य जैसे संवैधानिक पद पर काबिज है।
कटारा ने 24 दिसम्बर 2022 को होने वाली वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा का पेपर अक्टूबर में ही लीक कर दिया था। कटारा के पास विशेषज्ञों से पेपर सैट कराने की जिम्मेदारी थी। पेपर तैयार होते ही वह सभी सैट की मूल प्रति अपने सरकारी आवास पर ले गया। वहां उसके भांजे विजय डामोर से सभी सवाल उतरवा लिए। सवाल उतरवाने के बाद उसने प्रींटिंग के लिए पेपर कार्यालय में जमा करा दिया।
विजय के लिखे पर्चे की फोटो पेपर लीक गिरोह के शेर सिंह ने मोबाइल में ली थी, जिसके बाद पर्चा कई आरोपियों तक पहुंचा। एसओजी ने कटारा को 18 अप्रेल को गिरफ्तार किया था। वह तभी से न्यायिक हिरासत में है। उसके खिलाफ पहले ईडी ने जेल में उससे पूछताछ के बाद उसकी सम्पत्ति अटैच की। उसके साथ उसके भांजे व कुछ अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की गई।
एसीबी ने बाबूलाल कटारा के खिलाफ आय से अधिक सम्पत्ति जुटाने की एफआईआर दर्ज की है। एसीबी ने पड़ताल में माना कि कटारा ने आय से दो करोड़ रुपए से अधिक की सम्पत्ति अर्जित की है। पेपर लीक मामले में एसओजी कटारा सहित करीब 65 आरोपी गिरफ्तार कर चुकी है।
Published on:
26 Jan 2024 07:59 pm
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