
जया गुप्ता/जयुपर. प्रदेश के सबसे बड़े राजस्थान विश्वविद्यालय में अध्ययनरत करीब 28 हजार छात्र-छात्राओं की सुरक्षा भगवान भरोसे है। विवि ने सुरक्षा के लिहाज से परिसर में सीसीटीवी कैमरे तो लगवा रखे हैं। लेकिन, ये बस दिखावे के लिए लगे हुए हैं। हकीकत में इनमें से आधे से अधिक स्थानों से कैमरे गायब हो चुके हैं। जो शेष बचे हुए हैं, उनमें से भी अधिकांश खराब हैं, जो कि कुछ रिकॉर्ड नहीं करते।
यह स्थिति तब है जब विवि हर साल सीसीटीवी के मेंटीनेस पर ही करीब पांच लाख रुपए खर्च करता है। विश्वविद्यालय में करीब तीन-चार वर्ष पहले सुरक्षा के लिए करोड़ों की लागत से 40 से अधिक कैमरे मुख्य गेट, लाइब्रेरी, प्रशासनिक भवन, कुलपति सचिवालय, छात्रसंघ कार्यालय, डीएसडब्लयू, महिला छात्रावास सहित अन्य स्थानों पर लगवाए गए थे। अब छात्रावास, छात्रसंघ कार्यालय के पास से ही चार-पांच कैमरे गायब हो चुके हैं। छात्रसंघ कार्यालय के पास एक पोल में सभी दिशाओं में रिकार्ड करने (रोटेट) वाला कैमरा लगा हुआ था, जो भी चोरी हो गया। वहां मौजूद एकमात्र कैमरा भी बंद पड़ा हुआ है।
विवि ने जब कैमरे लगवाए थे। उसी समय पांच वर्ष के लिए मेंटीनेंस का काम एक फर्म को दे दिया था। विवि में इनके मेंटीनेंस के लिए कमेटी भी बनी है। विवि प्रशासन हर साल मेंटीनेंस के नाम पर ही चार-पांच लाख रुपए खर्च करता है। इसके बाद भी सीसीटीवी कैमरे ठीक नहीं है।
आए दिन मारपीट व वारदात, खुलासा नहीं
सीसीटीवी कैमरे सहीं नहीं होने के कारण आए दिन बदमाश परिसर में मारपीट व अन्य वारदातें करते हैं, मगर फुटेज के अभाव में पुलिस उन्हें पकड़ ही नहीं पाती। विवि छात्रसंघ अध्यक्ष के कमरे का गेट कुछ महीनों पहले कुछ बदमाशों ने तोड़ा था। सुरक्षा गार्ड ने गाड़ी में जाते बदमाशों को देखा भी था, लेकिन फुटेज के अभाव में आज तक बदमाश नहीं पकड़े गए। जनवरी में विवि के गेट पर धरना दे रहे कुछ युवाओं के साथ भी कुछ बदमाशों ने मारपीट कर दी। देर रात हुई घटना के बाद पता चला था कि सीसीटीवी खराब हैं।
ये है इनका कहना
विश्वविद्यालय में लगे ज्यादातर कैमरे ठीक हैं उनमें रिकॉर्डिंग भी हो रही है
एच.एस. पलसानिया, चीफ प्रोक्टर राजस्थाना विवि
Published on:
14 Apr 2019 12:02 pm
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