
राजस्थान में बिजली संकट, दिन में दो गुनी हो जाती है बिजली की डिमांड, जानें बड़ी वजह
जयपुर। प्रदेश में रबी फसल का सीजन शुरू होते ही बिजली तंत्र गड़बड़ा गया है। किसानों को दिन में दो ब्लॉक में बिजली आपूर्ति करने के साथ ही राजस्थान में बिजली संकट खड़ा हो गया है। दिन में बिजली की डिमांड 16 हजार मेगावाट से अधिक पहुंच रही है। जबकि रात को यह डिमांड 9 हजार तक ही रहती है। दिन में बढ़ रह बिजली की डिमांड से बिजली उपलब्धता का अंतर गहराता जा रहा है। इसे लेकर सरकार ने बिजली कटौती का निर्णय लिया है।
प्रदेश में आज से एक से तीन घंटे तक बिजली कटौती शुरू हो गई है। प्रदेश में 125 केवीए से अधिक भार वाले औद्योगिक उपभोक्ताओं को 50 प्रतिशत तक अपने विद्युत उपभोग को सीमित करने के निर्देश दिए है। ऊर्जा विकास निगम के अफसरों की मानें तो दिन में बिजली की डिमांड रात से दुगुनी हो जाती है। रात को जहां बिजली की डिमांड 9 हजार मेगावाट रहती है, वहीं दिन में यह डिमांड बढ़कर 16 हजार से अधिक पहुंच जाती है। हालांकि शाम के समय यह डिमांड जरूर 13 हजार तक रहती है, लेकिन बिजली की उपलब्धता कम होने से बिजली संकट खड़ा हुआ है।
बिजली की उपलब्धता 10 से 11 हजार मेगावाट ही
प्रदेश में बिजली की उपलब्धता अभी 10 से 11 हजार मेगावाट ही है। ऐसे में में बिजली उपलब्धता और डिमांड में अंतर गहराता जा रहा है। हालांकि दिन में 3 हजार मेगावाट सौर उर्जा मिलने से काम चल रहा है। फिर भी डिमांड के मुकाबले बिजली उपलब्धता कम ही पड़ रही है। दिन में दो हजार मेगावाट तक बिजली कम पड़ रही है।
आज से बिजली कटौती...
ऊर्जा विकास निगम ने आज से बिजली कटौती शुरू कर दी है। यह कटौती प्रदेशभर में एक से तीन घंटे तक के लिए की गई है। नगपालिका क्षेत्रों और 5 हजार से अधिक आबादी वाले गांवों में सुबह 6.30 से 7.30 बजे तक कटौती रखी गई है। जिला मुख्यालय में सुबह 7.30 से 8.30 बजे तक कटौती रखी गई है। निगम अफसरों की मानें तो जिला मुख्यालयों और कस्बों में कटौती बिजली उपलब्धता पर निर्भर करेगी। वहीं औद्योगित क्षेत्रों में बिजली कटौती शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक होगी। सम्भागीय मुख्यालयों में अभी बिजली कटौती नहीं होगी।
इन्हें रखा बिजली कटौती से मुक्त...
जयपुर, जोधपुर, कोटा सहित सभी सम्भागीय मुख्यालयों में अभी बिजली कटौती नहीं होगी। वहीं जहां बिजली कटौती हो रही है, वहां भी आवश्यक सेवाओं जैसे अस्पताल, आॅक्सीजन प्लान्ट, पेयजल आपूर्ति व मिलिट्री सेवाओं को बिजली कटौती से मुक्त रखा गया है।
कटौती से एक हजार मेगावाट का बिजली का लोड होगा कम
ऊर्जा विकास निगम के अफसरों की मानें तो बिजली कटौती से प्रतिदिन एक हजार मेगावाट बिजली का लोड कम होगा। औद्योगिक क्षेत्रों में ही बिजली कटौती करने से 700 मेगावाट से अधिक बिजली की डिमांड कम हो जाएगी।
Published on:
23 Dec 2022 12:13 pm
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