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Rajasthan: वाहन स्क्रैपिंग सेंटर के लिए एक एकड़ जमीन जरूरी

प्रदेश में वाहन स्क्रैपिंग सेंटर शुरू करने के लिए कम से कम एक एकड़ जमीन होना जरूरी है। परिवहन विभाग ने पुराने व कंडम वाहनों को स्क्रैप करने के लिए हाल ही लागू की गई वाहन स्क्रैपिंग नीति के तहत स्कैपिंग सेंटर के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत एल श्रेणी के वाहनों (दुपहिया व तिपहिया) को स्क्रैप करने के लिए जो स्क्रैपिंग सेंटर्स शुरू किए जाएंगे उनके लिए कम से कम एक एकड़ भूमि होना जरूरी है। वहीं एम श्रेणी (बस, कार आदि पैसेंजर) व एन श्रेणी (ट्रक-ट्रैक्टर आदि मालवाहक) के वाहनों के स्क्रैप सेंटर अलग बनेंगे।

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The girls had gone out to take the examination from home, the vehicle collided on the way, one died

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प्रदेश में वाहन स्क्रैपिंग सेंटर शुरू करने के लिए कम से कम एक एकड़ जमीन होना जरूरी है। परिवहन विभाग ने पुराने व कंडम वाहनों को स्क्रैप करने के लिए हाल ही लागू की गई वाहन स्क्रैपिंग नीति के तहत स्कैपिंग सेंटर के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत एल श्रेणी के वाहनों (दुपहिया व तिपहिया) को स्क्रैप करने के लिए जो स्क्रैपिंग सेंटर्स शुरू किए जाएंगे उनके लिए कम से कम एक एकड़ भूमि होना जरूरी है। वहीं एम श्रेणी (बस, कार आदि पैसेंजर) व एन श्रेणी (ट्रक-ट्रैक्टर आदि मालवाहक) के वाहनों के स्क्रैप सेंटर अलग बनेंगे। उसके लिए कम से कम दो एकड़ भूमि होना आवश्यक होगा। सेंटर औद्योगिक क्षेत्र में ही शुरू किए जा सकेंगे। स्क्रैप सेंटर के लिए लाइसेंस परिवहन आयुक्त देगा। लाइसेंस दस वर्ष के लिए दिया जाएगा। साथ ही नवीनीकरण भी दस वर्ष के लिए किया जाएगा।

वाहनों की उम्र अब भी तय नहीं

न तो वाहन स्क्रैप पॉलिसी में और न ही नियमों में वाहनों की आयु तय की गई है। दिल्ली-एनसीआर व देश के कुछ राज्यों में कुछ चुनिंदा शहरों को छोड़कर 15 साल से अधिक पुराने वाहन भी नवीनीकरण व फिटनेस-प्रमाण पत्र लेकर चलाए जा सकते हैं। प्रदेश में पांच शहरों को छोड़कर अन्य सभी शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में 15 साल से अधिक पुराने वाहन चलाए जा सकते हैं। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि जब सरकार ने वाहनों की उम्र ही तय नहीं की है तो स्क्रैप होने के लिए वाहन ही नहीं आएंगे। कुछ चुनिंदा वाहनों के लिए स्क्रैपिंग सेंटर बनाने का कोई अर्थ नहीं है।

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