
गरीबों के 79 प्रतिशत आवास मंजूर, किस्त में देरी तो नपेंगे सीईओ
जयपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना—ग्रामीण के तहत आवासहीन गरीबों को घर देने के मामले में लेटलतीफी पर अब सरकार एक्शन मोड में दिख रही है। दो अक्टूबर से शुरु प्रशासन गांवों के संग अभियान में बीते एक माह में तेजी दिखाते हुए ग्रामीण विकास विभाग ने करीब 79 प्रतिशत आवासों की स्वीकृति जारी कर दी है। जबकि नवंबर के अंत तक महज 44 प्रतिशत ही स्वीकृतियां जारी हो पाई थी। सरकार ने अब पहली किस्त की राशि लाभार्थी को देने के मामले मेें भी सख्त रुख दिखाया है। सभी कलक्टरों को आदेश दिए गए हैं कि यदि 5 जनवरी तक मंजूर हुए आवासों के पेटे पहली किस्त की राशि जारी नहीं की जाती है तो संबंधित जिले के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और विकास अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। आदेश में सरकार ने 31 दिसंबर तक सभी शेष मंजूरी जारी करने को कहा है, जबकि इसके बाद अगले पांच दिन में पहली किस्त की राशि जारी की जाएगी।
राजस्थान पत्रिका ने बताई हकीकत
नवंबर तक कुल 3.97 लाख आवासों में से महज 1.75 लाख ही मंजूरियां जारी हुई थी। जबकि सरकार को ये लक्ष्य मई, 2021 में ही मिल गए थे। राजस्थान पत्रिका ने लगातार गरीबों के आवास का यह मुद्दा उठाया। इसके बाद विभाग ने नियमित समीक्षा और निगरानी के जरिए मंजूरी में तेजी के कदम उठाए।
लेट हुए तो विभाग से जाएगा पैसा, कार्रवाई भी
कलक्टरों को दिए आदेशों में ग्रामीण विकास सचिव के.के.पाठक ने साफ किया है कि यदि जिलों में मंजूर आवासों के लिए 5 जनवरी तक पहली किस्त नहीं दी जाती तो यह राशि सीधे राज्य स्तर से जारी कर दी जाएगी। साथ ही समीक्षा के बाद संबंधित मुख्य कार्यकारी अधिकारी और विकास अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरु होगी।
शीर्ष 5 जिले, जहां सर्वाधिक मंजूरी बकाया
जिला— लंबित स्वीकृति
श्रीगंगानगर— 11318
बाड़मेर— 8358
उदयपुर— 6844
बांसवाड़ा— 4503
बारां— 4029
Published on:
26 Dec 2021 07:33 pm
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