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ऊर्जा विभाग : एसीएस ने जताई फिल्ड एक्सरसाइज की और अधिक आवश्यकता

प्रदेश में 6 हजार मेगावाट की अतिरिक्त बिजली उत्पादन (Power generation) क्षमता विकसित करने की बजट घोषणा अभी पूरी नहीं हो पा रही है। ऊर्जा विभाग (Department of Energy) के एसीएस डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बजट घोषणा के क्रियान्वयन में अभी फिल्ड एक्सरसाइज की और अधिक आवश्यकता जताई है। एसीएस ऊर्जा डॉ. अग्रवाल सोमवार को सचिवालय में ऊर्जा विभाग से जुड़ी संस्थाओं के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।

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ऊर्जा विभाग : एसीएस ने जताई फिल्ड एक्सरसाइज की और अधिक आवश्यकता

ऊर्जा विभाग : एसीएस ने जताई फिल्ड एक्सरसाइज की और अधिक आवश्यकता

ऊर्जा विभाग : एसीएस ने जताई फिल्ड एक्सरसाइज की और अधिक आवश्यकता

- 6 हजार मेगावाट की अतिरिक्त बिजली उत्पादन क्षमता विकसित करने का काम धीमा
— ऊर्जा विभाग के एसीएस ने बजट घोषणाओं की क्रियान्विति में तेजी लाने के दिए निर्देश
— राज्य में विद्युत उत्पादन और आपूर्ति तंत्र को सुदृढ़ करने के निर्देश

जयपुर। प्रदेश में 6 हजार मेगावाट की अतिरिक्त बिजली उत्पादन (Power generation) क्षमता विकसित करने की बजट घोषणा अभी पूरी नहीं हो पा रही है। ऊर्जा विभाग (Department of Energy) के एसीएस डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बजट घोषणा के क्रियान्वयन में अभी फिल्ड एक्सरसाइज की और अधिक आवश्यकता जताई है। एसीएस ऊर्जा डॉ. अग्रवाल सोमवार को सचिवालय में ऊर्जा विभाग से जुड़ी संस्थाओं के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।

एसीएस डॉ. अग्रवाल ने बैठक में अधिकारियों को ऊर्जा विभाग से संबंधित बजट घोषणाओं की क्रियान्विति में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश और मंशा के अनुसार राज्य में विद्युत उत्पादन और आपूर्ति तंत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए योजनाबद्ध प्रयास करने होंगे। इसके लिए संबंधित संस्थाओें को परस्पर समन्वय बनाते हुए समयबद्ध रोडमेप तैयार कर क्रियान्वित करना होगा।

उन्होंने कहा कि बजट घोषणाओं के अनुसार 220 केवी, 132 केवी, 33 केवी के नए सब स्टेशनों का कार्य करते समय गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाएं। एसीएस डॉ. अग्रवाल ने जनघोषणा के बिन्दुओं के साथ ही जनसंपर्क पोर्टल के प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संपर्क पोर्टल के सबसे पुराने प्रकरणोें को प्राथमिकता मेें लेते हुए बकाया प्रकरणोें का निस्तारण किया जाए। उन्होंने निस्तारण करने के बाद अवगत कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमें ऐसी कार्यप्रणाली विकसित करनी होगी, जिससे प्रकरणों का समय पर निस्तारण संभव हो सके और अनावश्यक रूप से पत्राचार से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता व्यवस्था में सुधार और नवाचार की होनी चाहिए।

बैठक में विद्युत उत्पादन निगम के सीएमडी आरके शर्मा ने उत्पादन निगम की ओर से संचालित विद्युत तापीय गृहों में उत्पादन की जानकारी दी। उन्होंने ऊर्जा उत्पादन में प्रदेश केा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के महाप्रबंधक सुनित माथुर ने सौर ऊर्जा क्षेत्र के बजट घोषणाओं और उनकी क्रियान्विति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 516 मेगावाट रुफटॉप सोलर ऊर्जा क्षमता विकसित की जा चुकी है। बैठक मेें विद्युत उत्पादन निगम, जयपुर, जोधपुर और अजमेर डिस्काम्स के प्रबंध संचालक, ऊर्जा विकास निगम व राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।