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Rajasthan Politics : मध्य प्रदेश और राजस्थान में बह रही ‘उल्टी गंगा’! जानें क्यों चर्चा में हैं कांग्रेस-BJP की सियासी यात्राएं

Assembly Elections का दिलचस्प पहलू-- मध्य प्रदेश और राजस्थान में बह रही 'उल्टी गंगा', चर्चा में कांग्रेस-भाजपा की सियासी यात्राएं

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जयपुर।

राजस्थान की तरह ही 'पडोसी' राज्य मध्य प्रदेश भी चुनावी मोड में है। दोनों राज्यों में इसी वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। लेकिन दोनों राज्यों की सियासी स्थिति उलट है। राजस्थान में जहां कांग्रेस सत्ता बरकरार रखने और भाजपा सत्ता में लौटने की जी-तोड़ कोशिश कर रही है, तो वहीं मध्य प्रदेश में भाजपा सत्ता बरकरार रखने और कांग्रेस सत्ता में लौटने की हसरत पाले हुए है।

इन सभी के बीच दोनों राज्यों में कांग्रेस और भाजपा की चुनाव पूर्व निकाली जा रही सियासी यात्राएं भी चर्चा का विषय बनी हुई है। खासतौर से दोनों राज्यों की इन यात्राओं के नामों को लेकर दिलचस्प चर्चाएं हो रही हैं।

यहां भाजपा, वहां कांग्रेस का 'जन आक्रोश'

राजस्थान में जहां गहलोत सरकार के खिलाफ भाजपा बीते दिनों 'जन आक्रोश यात्राएं' निकाल चुकी है, ठीक उसी तर्ज पर अब मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी आज से 'जन आक्रोश यात्राएं' निकालने जा रही है। एमपी कांग्रेस की ये यात्रा वहां की शिवराज सिंह सरकार के खिलाफ है, जो आज सात अलग-अलग स्थानों से निकल रही है। इन यात्राओं के लिए भी सीनियर नेताओं को ज़िम्मेदारियाँ दी गई हैं।

यहां कांग्रेस, वहां भाजपा का 'जन आशीर्वाद'

मध्य प्रदेश में भाजपा इन दिनों 'जन आशीर्वाद यात्रा' निकाल रही है, जिसमें राज्य सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। इधर राजस्थान में कांग्रेस पार्टी ने इसी 'जन आशीर्वाद' यात्रा नाम से अपना कार्यक्रम घोषित किया है। गहलोत के नेतृत्व में ये यात्रा 25 से 29 सितंबर तक पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों में 86 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचेगी। सूत्रों की माने तो पूर्वी राजस्थान में 5 दिन निकलने वाली जन आशीर्वाद यात्रा का आगाज जयपुर या दौसा से किया जाएगा।