14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सतीश पूनिया ने बजट से पहले कांग्रेस सरकार के लिए ये दिया बयान

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 23 फरवरी को राज्य बजट पेश करने जा रहे हैं, लेकिन उससे ठीक पहले भाजपा ने सरकार को घेरने की कोशिश की है।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Rahul Singh

Feb 21, 2022

jaipur

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पूनिया

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 23 फरवरी को राज्य बजट पेश करने जा रहे हैं, लेकिन उससे ठीक पहले भाजपा ने सरकार को घेरने की कोशिश की है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया ने आज प्रेस कांफ्रेंस करते हुए सरकार के पूर्व की बजट घोषणाओं का हवाला देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साल 2020— 21 बजट भाषण में लिए गए 7 संकल्प पूरी तरह से फेल साबित हुए हैं।

सीएम के दावे झूठे—
डॉ पूनिया ने आज मीडिया से बातचीत में कहा कि सीएम गहलोत दावे कर रहे है कि जन घोषणा पत्र के 70 फीसदी वादे पूरे किये गए हैं, लेकिन दावे पूरी तरह से झूठे हैं। मुख्यमंत्री की ओर से इस बजट में भी ऐसे लोक लुभावन घोषणाएं और विपक्ष को कोसने का काम होगा। पूनिया ने कहा कि सरकार चिकित्सा और शिक्षा सहित हर विभाग में फेल है। पूनिया ने राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किये। उन्होंने कहा, '38 महीनों में 6 लाख 51 हजार मुकदमें दर्ज हुए हैं जबकि 1 साल 6 हज़ार 337 महिला दुष्कर्म और उत्पीड़न के मामले दर्ज हुए। इससे साफ़ है कि प्रदेश की क़ानून व्यवस्था का क्या हाल है? पूनिया ने कहा कि सरकार ने अपने वादों को लेकर बड़े बड़े होर्डिंग लगा दिए हैं। जनता क्लीनिक की बात करते थे। आज तक कुछ नही हुआ। ऐसे ही गहलोत सरकार ने चिरंजीवी योजना की बात कही, लेकिन उसमें भी प्राइवेट अस्पताल में भारी अनियमितता मिलेगी। गहलोत ने 7 संकल्प लिए थे। निरोगी राजस्थान का नारा फेल हो गया है। ऐसे ही किसानों का अभी तक कर्ज माफ नहीं हुआ हैं हमारी मांग हैं कि किसान की कर्ज माफी करें। उन्होंने कहा कि किसानों को बिजली भी नही मिल रही है। किसान को सब्सिडी भी नही मिल रही है।महिला अत्याचार में बढ़ोत्तरी लगातार हो रही हैं। पूनिया ने आरोप लगाया कि बेटी पढ़ाओ अभियान का 23 करोड़ की राशि खर्च नही कर पाए। बेरोजगारी बढ़ रही हैं। युवाओं को नौकरी नही मिल रही हैं। बेरोजगारी भत्ता नही दे रहे है। शिक्षा के भी बेहाल है। टीचर्स नही है। पद खाली पड़े हैं
पानी में जल जीवन मिशन का भी पैसा पूरा खर्च नही हो पा रहा है।