
लोक परिवहन सेवा बस संचालको ने दी आंदोलन की चेतावनी देते हुए सरकार पर परमिट की शर्तों से मुकरने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बसों का चक्काजाम करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा है। पहले परमिट की शर्त लगाई और मोटी रकम वसूलने के बावजूद शहर से लोक परिवहन सेवा बसों के संचालन में अब राज्य सरकार अडंगा लगा रही है। भविष्य में बसों के संचालन पर ही संकट के बादल मंडरा रहे हैं और बसों के संचालन का खर्च निकालना भी दुभर हो गया है। ऐसे में अब बस संचालकों के सामने चक्काजाम के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा है।
प्रदेश में लोक परिवहन सेवा बसों का संचालन कर रहे आॅपरेटरों ने राज्य सरकार पर पूर्व में तय शर्तों का उल्लंघन करने व बस आॅपरेटरों पर अार्थिक भार डालने का आरोप लगाया है। बस आॅपरेटरों के अनुसार वर्तमान में शहर से संचालित हो रही बसों को अब शहर में नो एंट्री कर दी गई है। पहले परिवहन विभाग ने सिंधी कैंप से बसों के संचालन के लिए स्टैंड शुल्क वसूली की जब सिंधी कैंप से बसों का संचालन करने में विभाग नाकाम रहा तो अब बसों का संचालन ही शहर के अंदरूनी इलाकों से करने पर मनमानी शर्त थोप दी गई है। ऐसे में सभी बस आॅपरेटर्स जल्द ही राज्य स्तरीय आंदोलन शुरू करने की रणनीति तैयार कर रहे हैं और आगामी दिनों में लोक परिवहन सेवा बसों का चक्काजाम करने की चेतावनी भी बस आॅपरेटरों ने दे दी है।
बस आॅपरेटर यूनियन के पदाधिकारी बृजमोहन ने बताया कि परमिट की शर्तों के अनुसार ही बसों का संचालन किया जा रहा है लेकिन अब राज्य सरकार मनमाने ढंग से कार्रवाई कर रही है ऐसे में अब बस आॅपरेटरों के सामने आर्थिक तंगी के हालात बन गए हैं। यदि जल्द ही लोक परिवहन सेवा बसों के संचालन को लेकर तस्वीर साफ नहीं हुई तो बस आॅपरेटर्स के सामने हड़ताल करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं रहेगा।
Published on:
22 Sept 2017 12:05 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
