
बौद्धिक विचारों का सरंक्षण है जरूरी: मायाराम
जयपुर। मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार एवं भारत सरकार के पूर्व वित्त सचिव अरविन्द मायाराम ने कहा कि जीवन को बेहतर बनाने के लिए रोज नई तकनीक इजाद हो रही है और अनुशासित एवं व्यवस्थित विकास के लिए बौद्धिक विचारों का सरंक्षण बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बौद्धिक सम्पदा अधिकार नीति को राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बढ़ावा देने के लिए कार्य किया जाना चाहिए, जिससे प्रदेश के इनोवेटर्स प्रोत्साहित हो सके। इस मौके पर राज्य की बौद्धिक सम्पदा अधिकार नीति, 2019 की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश में राजस्थान पहला राज्य है, जिसने इस ओर पहल कर एन्टरप्रेन्योर के आइडियाज को संरक्षित करने की शुरूआत की है। यह बात उन्होंने सोमवार को बिड़ला इन्स्टीयूट ऑफ साइंस रिसर्च में रोल ऑफ राजस्थान स्टेट आईपी पॉलिसी’ पर आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में विश्व पारदर्शिता की ओर बढ़ रहा है और इस परिवर्तन को उन्नत तकनीक एवं शोध ने प्रेरित किया है। ऐसे समय में युवाओं के विचार एक पूंजी के रूप मेंं धरोहर साबित हो रहे है। इसका सही उपयोग हो यह सुनिश्चित करने के लिए बौद्धिक सम्पदा अधिकार नीति प्रमुख माध्यम है। राज्य में इस नीति से रोजगार के अवसर बढ़ेगे। उन्होंने जोर दिया कि नीति से प्रभावित होने वाले सभी पक्षाें से संवाद करते हुए इसके फायदे बताएं।
Published on:
13 Jan 2020 08:35 pm
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