
Power Stations महंगी बिजली उत्पादन वाले बिजलीघरों के विकल्प की तैयारी शुरू
Power Stations महंगी बिजली उत्पादन वाले बिजलीघरों के विकल्प की तैयारी शुरू
— पुराने हो चुके बिजलीघरों को किया जाएगा अपग्रेड
जयपुर। महंगी बिजली उत्पादन की बंदिश खत्म करने को लेकर महंगी बिजली उत्पादन वाले और पुराने हो चुके बिजलीघरों (Power Stations) का विकल्प ढूंढने की तैयारी शुरू हो गई है। बिजलीघरों की कई यूनिट को आधुनिकतम तकनीक व सुपर क्रिटिकल या अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल बदलने की भी संभावना तलाशी जा रही है। इसे लेकर ऊर्जा सचिव सुबोध अग्रवाल ने मंगलवार को राज्य विद्युत उत्पादन निगम (State Electricity Generation Corporation) अधिकारियों की बैठक लेकर इस संबंध में निर्देश दिए।
विद्युत भवन में आयोजित बैठक में उन्होंने राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम के कार्यों की समीक्षा भी की। इसमें राज्य में कोयला, गैस, जलीय और लिग्नाइट आधारित प्रोजेक्ट की समीक्षा की गई। बैठक में अग्रवाल ने कहा कि शोध व मॉनिटरिंग विंग को मजबूत व सक्रिय किया जाएगा। बिजली मांग के पीक आॅवर्स (सुबह 5 से 9 बजे और शाम साढ़े पांच से रात 10 बजे) के बीच कम लागत की यूनिट से उत्पादन बढ़ाई जाएगी। बैठक में राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के सीएमडी आर.के शर्मा, निदेशक (वित्त) केसी भण्डारी, कंपनी सचिव सुब्रहमण्यम्, अतिरिक्त मुख्य अभियंता पी.एस. सक्सेना सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।
अक्षय ऊर्जा के उत्पादन बढ़ाएंगे
अग्रवाल ने कहा कि राज्य की सोलर व विंड विद्युत इकाइयों के उत्पादन बढ़ाने, जरूरत पड़ने पर सस्ती दर पर बिजली खरीद की रणनीति बनानी होगी। राज्य में अक्षय ऊर्जा के उत्पादन बढ़ाएंगे। 2 हजार मेगावाट क्षमता के सोलर पार्क की जगह इसकी क्षमता 4 हजार मेगवाट करने के प्रयास होंगे। इससे सस्ती दर पर ज्यादा से ज्यादा अक्षय ऊर्जा मिल सके।
Published on:
05 Oct 2021 09:34 pm
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