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प्रदेश में बिजली संकट से मिलेगी हल्की राहत , उत्पादन में आएगी तेजी

जयपुर। प्रदेश में बिजली संकट से जनता को थोड़ी राहत मिल सकती है। कोल इंडिया व कोल ब्लॉक से कोयले की 20 रैक डिस्पेच होने के बाद बिजली के उत्पादन में सुधार होगा और सप्लाई तेज की जाएगी। इससे पहले राजस्थान को शुरूआत में सिर्फ 11 रैक ही मिल पा रही थी।

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जयपुर

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Rahul Singh

Oct 14, 2021

jaipur

cm ashok gehlot

जयपुर। प्रदेश में बिजली संकट से जनता को थोड़ी राहत मिल सकती है। कोल इंडिया व कोल ब्लॉक से कोयले की 20 रैक डिस्पेच होने के बाद बिजली के उत्पादन में सुधार होगा और सप्लाई तेज की जाएगी। इससे पहले राजस्थान को शुरूआत में सिर्फ 11 रैक ही मिल पा रही थी।

संयुक्त उपक्रम की वन स्वीकृति लेने की कोशिश— वहीं अब राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम और अड़ानी के संयुक्त उपक्रम परसा ईस्ट एवं कांता बासन की दूसरे चरण की वन भूमि 1136 हैक्टेयर का हस्तांतरण होना है। इसके लिए पर्यावरणीय स्वीकृति लेने की कोशिश की जा रही है। केन्द्र सरकार ने राज्य सरकार को आश्वासन दिया है कि ये जल्द ही दिला दी जाएगी ताकि वहां पर काम शुरु हो सके।

कोल सचिव से मुलाकात के बाद खुला रास्ता—

अतिरिक्त मुख्य सचिव एनर्जी डॉ. अग्रवाल की बुधवार को दिल्ली में केन्द्रीय कोयला सचिव अनिल कुमार जैन और केन्द्रीय पर्यावरण सचिव आरपी गुप्ता से अलग अलग मुलाकात हुई थी। इसमें कोयले की आपूर्ति बढ़वाने व संयुक्त उपक्रम में फेज दो की पर्यावरण स्वीकृति जारी कराने के लिए चर्चा की। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी केेन्द्र सरकार से इस बारे में आग्रह किया था। इसके बाद केन्द्र सरकार ने राजस्थान को 20 रैक डिस्पेच की है।

अब आएगा बिजली उत्पादन में सुधार—

एसीएस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि एनसीएल से 4 रैक डिस्पेच हुई है वहीं एसईसीएल से रेल व रोड मार्ग से 3 अतिरिक्त रैक सहित 4 रैक डिस्पेच हुई है। इसके अलावा विद्युत उत्पादन निगम और अडानी के संयुक्त उपक्रम से कोयले की 12 रैक डिस्पेच करवाई गई है। इस तरह से प्रदेश के लिए 20 रैक डिस्पैच हुई है जबकि इससे पहले वाले दिन 16 और उससे पहले एक बार तो 10 से 11 व इससे कम रैक की स्थिति आ गई थी। उन्होंने बताया कि कोयले की रैक डिस्पेच मात्रा में सुधार के साथ ही विद्युत उत्पादन और आपूर्ति में तेजी से सुधार आएगा।