
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/जयपुर। Rajasthan Politics News: दिल की बात कहीं न कहीं जुबां पर आ ही जाती है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ कुछ इसी तरह का वाक्या हो गया। मुख्यमंत्री ने बुधवार को राजस्थान विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि मेरा तीर निशाने पर लगा है, यह सुखद संयोग हैं। हालांकि यह बात मुख्यमंत्री ने यूनिवर्सिटी स्थित तीरंदाजी खेल मैदान में लगाए गए निशाने के संबंध में कही। लेकिन उनके इस बयान के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं।
विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 12 करोड़ रुपए की लागत से तैयार नवनिर्मित बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर पुस्तकालय भवन का लोकार्पण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 23.32 लाख रुपए की लागत से बने तीरंदाजी खेल मैदान और परिसर में 13.22 लाख रुपए की लागत से स्थापित डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा का अनावरण भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों की मांग को देखते हुए छात्रसंघ चुनाव कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि छात्र राजनीति में आने वाले पॉजिटिव सोच रखोगे तो कामयाब होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का अगला बजट युवाओं और विद्यार्थियों को समर्पित रहेगा, आप भी बेहतर बजट के लिए अपने सुझाव भेंजें। पहले ही दिन करीब 40 हजार सुझाव बजट के लिए आए। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में लड़कों से ज्यादा लड़कियों की संख्या दर्शाती है कि प्रदेश में बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के प्रति राज्य सरकार अग्रसर है।
समारोह में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह यादव, सार्वजनिक निर्माण मंत्री भजन लाल जाटव, राजस्थान लघु उद्योग विकास निगम के अध्यक्ष राजीव अरोड़ा, राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति राजीव जैन, रजिस्ट्रार नीलिमा तक्षक, विधायक एवं सिंडिकेट सदस्य अमीन कागजी, विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष निर्मल चौधरी उपस्थित रहे। इस अवसर पर राजस्थान विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष संजय कुमार और रूक्टा महामंत्री बनयसिंह ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया।
अध्यक्ष ने उठाया ओबीसी आरक्षण विसंगति का मुद्दा
समारोह में छात्रसंघ अध्यक्ष निर्मल चौधरी ने मंच पर सीएम से ओबीसी आरक्षण में विसंगति दूर करने की मांग उठाई। अध्यक्ष ने विश्वविद्यालय में रिक्त पदों पर भर्ती करने, यूनिवर्सिटी में हर साल 10 फीसदी फीस वृद्धि रोकने, कोचिंग संस्थानों की मनमानी फीस बढ़ोतरी पर नियम तय करने सहित यूनिवर्सिटी में नए स्टेडियम की मांग की।
महासचिव नाराज, अधिकारी मनाते रहे
मंच पर महासचिव अरविंद जाजड़ को बैठाया गया, लेकिन संबोधन नहीं कराया। ऐसे मेंं महासचिव नाराज हो गए। उन्होंंने कुलपति को खरी-खोटी सुनाई। इसके बाद रजिस्ट्रार नीलिमा तक्षक ने महासचिव से समझाइश की। तब जाकर मामला शांत हुआ। इधर, सीएम के चले जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने राहत की सांस ली। एनवक्त पर कार्यक्रम की तैयारियां पूरी की गई। वहीं, सीएम के कार्यक्रम के चलते विश्वविद्यालय में भारी पुलिस जाप्ता लगाया गया।
Published on:
17 Nov 2022 11:26 am
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