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जल जीवन मिशन-सीएम की सख्ती का असर… एक दिन में 800 जल कनेक्शन ज्यादा लेकिन देनदारियां कर रही हैं इंजीनियरों को परेशान

  नए वित्तीय वर्ष में रखा है 25 लाख जल कनेक्शन का लक्ष्य

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जयपुर. जल जीवन मिशन के तहत जल कनेक्शन के मामले में राजस्थान देश में 33वें पायदान पर है। ऐसे में पूरे देश में राज्य की किरकिरी हो रही है। वर्ष 2019 से अब तक मिशन के तहत महज 39.83 प्रतिशत जल कनेक्शन ही जारी हो सके हैं।दो दिन पहले मुख्यमंत्री ने राज्य में जल जीवन मिशन की असफलता के सभी बिंदुओं की समीक्षा की तो एक दिन बाद ही बेहतर नतीजे सामने आने लगे। प्रदेश में जहां दो दिन पहले प्रतिदिन जल कनेक्शन का आंकड़ा 1000 से 1200 के बीच अटका हुआ था, वहीं गुरुवार को एक ही दिन में आंकड़ा 2 हजार तक पहुंच गया।

-----------दिन में दो रीजन की वीसी,शाम को जल कनेक्शन की रिपोर्ट तलब

मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद मिशन के अधिकारी प्रतिदिन सुबह दो रीजन में जल कनेक्शन के हालात की समीक्षा कर रहे हैं। वहीं, रात 8 बजे दिन भर में जारी हुए जल कनेक्शन की रिपोर्ट फील्ड इंजीनियरों से मांग रहे हैं। इंजीनियरों को यह भी कहा जा रहा है कि अगर परियोजना का 70 प्रतिशत काम पूरा गया है और शेष काम को करने में ठेकेदार आनाकानी कर रहा तो नोटिस देकर रिस्क एंड कॉस्ट के आधार पर काम दूसरे ठेकेदार को दिया जाए।----

देनदारियां जल कनेक्शन में बड़ी बाधा

अभी जल जीवन मिशन के तहत तीन हजार करोड़ से अधिक की देनदारियां हैं। करीब 70 प्रतिशत पेयजल परियोजनाओं का काम ठप पड़ा है। वीसी में अधिकारी पहले इंजीनियरों को कह रहे हैं कि भुगतान की बात कोई नहीं करें। जल जीवन मिशन के इंजीनियरों का कहना है कि सरकार ने यह साफ नहीं किया है कि मिशन कब तक चलेगा और एक करोड़ परिवारों को जल कनेक्शन देने का काम कब तक पूरा करना है।

--------ऐसे बदल रहे मिशन के हालात

6 फरवरीजल कनेक्शन-1210

8 फरवरी1977