
water supply
जयपुर.
राजधानी में बीसलपुर सिस्टम से सुबह और शाम होने वाली जलापूर्ति की मॉनिटरिंग इंजीनियर्स अपने एयर कंडीशन कमरों में बैठकर कर रहे थे। लेकिन जब ये ही इंजीनियर्स जब सुबह शाम शहर में सप्लाई की मॉनिटरिंग करने फील्ड में उतरे तो जलदाय मंत्री और आला अफसरों को शहर में जलापूर्ति व्यवस्था बेहतर बताने इन इंजीनियर्स के पैरों तले जमीन खिसकने जैसी स्थिति हो गई। क्योंकि जब मॉनिटरिंग हुई तो पता चला कि शहर के अलग अलग इलाकाें में 500 से ज्यादा कॉलोनियों के हजारों लोग कम प्रेशर से पानी आने, लगातार दूषित पानी की सप्लाई, कॉलोनियों में अंतिम छोर पर एक बूंद भी पानी नहीं पहुंचने जैसी हजारों शिकायतों से परेशान मिले।
सैकड़ों प्रस्ताव ठंडे बस्ते में
रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि फील्ड इंजीनियर्स ने प्रेशर बढाने के लिए नए ट्यूबवैल खोदने, दूषित पानी की सप्लाई रोकने लिए नई लाइन बिछाने, पुरानी पाइप लाइन को बदलने के प्रस्ताव मुख्य अभियंता (शहरी) सी.एम. चौहान के पास समय समय पर भेजे। लेकिन ये प्रस्ताव मुख्य अभियंता कार्यालय में ठंडे बस्ते में डाल दिए गए। इसका नतीजा यह हुआ कि लोग सुबह शाम पेयजल समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इंजीनियर्स का कहना है कि जब तक बजट नहीं मिले तब तक पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया जा सकता है।
सबसे ज्यादा समस्या सांगानेर मेंमौजूदा समय में सांगानेर क्षेत्र सबसे ज्यादा पेयजल समस्या से त्रस्त है। इंजीनियर्स ने पेयजल समस्या के समाधान के लिए 25 से ज्यादा नए ट्यूबवैल खोदने के प्रस्ताव मुख्य अभियंता (शहरी) के पास भेजे गए। लेकिन एक भी प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली और लोग पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। उत्तर सर्कल से भी भेजे गए प्रस्ताव भी पास नहीं हुए हैं।
इस तरह की मिली पेयजल समस्याएं
उत्तर :कनक घाटी- कम प्रेशर से पानी आने की शिकायत
कन्हैया बंधा-गोवर्धन पुरी-अंतिम छोर तक पानी की एक भी बूंद नहीं पहुंचनाशिवाजी नगर सी व डी ब्लाॅक-दूषित पानी और कम प्रेशर से पानी आना
शिव पार्क कॉलोनी-वार्ड -35- पाइप लाइन में लीकेज व दूषित पानी की समस्यादक्षिण
22 गोदाम कच्ची बस्ती- दूषित पानीमहारानी फार्म, देवी नगर, नंदपुरी-दूषित पानी,कम प्रेशर से पानी
सिविल लाइंस-कम प्रेशर से पानी
Published on:
26 Jan 2022 10:25 pm
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